ट्रिपल तलाक बिल आज होगा राज्यसभा में पेश, मानसून सत्र का है आखिरी दिन
आज संसद में मानसून सत्र का आखिरी दिन हैं। इस सत्र में दोनों ही सदनों में सरकार नें ठीक-ठाक काम किया हैं।
आज संसद में मानसून सत्र का आखिरी दिन हैं। इस सत्र में दोनों ही सदनों में सरकार नें ठीक-ठाक काम किया हैं। सरकार चाह रहीं है की मानसून सत्र के आखिरी दिन राज्यसभा में तीन तलाक बिल पास हो जाए। इससे पहले राज्यसभा में NDA की तरफ़ से हरिवंश सिंह नें जीत दर्ज की थी। केंद्र सरकार चाहेगी की इसी तरह से तीन तलाक बिल राज्यसभा में पास हो जाए और सरकार को इसमें भी जीत मिलें। इससे पहले तीन तलाक बिल लोकसभा में पास हो चुका हैं। तीन तलाक बिल को अगर राज्यसभा में मंजूरी मिलती है इसे संशोधन की मंजूरी के लिए वापस लोकसभा में भेजा जाएगा।
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विरोधाभास रहा है तीन तलाक
पिछले कईं दिनों से देश के अलग-अलग हिस्सों में तीन तलाक को लेकर कईं तरह के बयान और घटनाएँ सामने आईं हैं। मुस्लिम समाज की महिलाओं नें कहा है की तलाक प्रक्रिया में उनसे उनकी रज़ामंदी नहीं पुछी जाती हैं। महिलाओं नें कहा की तीन तलाक पुरी तरह से असंवैधानिक है जिसका आज की आधुनिक दुनिया में कोई ओचित्य नहीं हैं। मुस्लिम समाज में महिलाओं नें पति द्रारा तलाक होने के बाद ज़िंदगी को बहुत मुश्किल से गुजरते हुए देखा हैं इसलिए वे चाहती है की तलाक प्रक्रिया में उनकी भी सहमती और असहमती को स्वीकार किया जाए। तलाक के बाद उन्हें अपने पति से आर्थिक मदद भी मिलती रहें। इसलिए महिलाएँ तीन तलाक को कानून का रुप देना चाहती हैं।
तीन तलाक बिल पर कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद नें सोनिया गांधी से अनुरोध किया है कि उनकी पार्टी इस बिल को शांतिपूर्ण तरीके से पेश होने दें। केंद्र सरकार को पुरी उम्मीद है की तीन तलाख बिल राज्यसभा में आसानी से पास हो जाएगा।
विरोधाभास रहा है तीन तलाक
पिछले कईं दिनों से देश के अलग-अलग हिस्सों में तीन तलाक को लेकर कईं तरह के बयान और घटनाएँ सामने आईं हैं। मुस्लिम समाज की महिलाओं नें कहा है की तलाक प्रक्रिया में उनसे उनकी रज़ामंदी नहीं पुछी जाती हैं। महिलाओं नें कहा की तीन तलाक पुरी तरह से असंवैधानिक है जिसका आज की आधुनिक दुनिया में कोई ओचित्य नहीं हैं। मुस्लिम समाज में महिलाओं नें पति द्रारा तलाक होने के बाद ज़िंदगी को बहुत मुश्किल से गुजरते हुए देखा हैं इसलिए वे चाहती है की तलाक प्रक्रिया में उनकी भी सहमती और असहमती को स्वीकार किया जाए। तलाक के बाद उन्हें अपने पति से आर्थिक मदद भी मिलती रहें। इसलिए महिलाएँ तीन तलाक को कानून का रुप देना चाहती हैं।
तीन तलाक बिल पर कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद नें सोनिया गांधी से अनुरोध किया है कि उनकी पार्टी इस बिल को शांतिपूर्ण तरीके से पेश होने दें। केंद्र सरकार को पुरी उम्मीद है की तीन तलाख बिल राज्यसभा में आसानी से पास हो जाएगा।



