सुप्रीम कोर्ट का नया आदेश: अब नई कार पर 4 साल और बाइक पर 6 साल का थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य
सड़क सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसले में, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नए वाहनों के लिए अनिवार्य थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की अवधि एक साल और बढ़ा दी है। अब से, नई कार खरीदने वालों को 4 साल का और नया…
सड़क सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसले में, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नए वाहनों के लिए अनिवार्य थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की अवधि एक साल और बढ़ा दी है। अब से, नई कार खरीदने वालों को 4 साल का और नया दोपहिया वाहन खरीदने वालों को 6 साल का थर्ड-पार्टी कवर एक साथ लेना होगा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों का बेहतर अनुपालन सुनिश्चित करना है।
न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति पीके मिश्रा की पीठ ने यह निर्देश नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की एक अपील पर सुनवाई के दौरान जारी किया। अदालत ने इस बात पर चिंता जताई कि उसके पिछले आदेश के बावजूद, देश की सड़कों पर चलने वाले लगभग 56 प्रतिशत वाहन बिना किसी इंश्योरेंस के हैं, जो मोटर वाहन अधिनियम की धारा 146 का उल्लंघन है। यह धारा सभी वाहनों के लिए थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस को अनिवार्य बनाती है।
सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता
अदालत ने पाया कि पहले नई कारों के लिए तीन साल और दोपहिया वाहनों के लिए पांच साल का थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य किया गया था, लेकिन आठ साल बाद भी बड़ी संख्या में वाहन बिना बीमा के चल रहे हैं। पीठ ने अपने आदेश में कहा, "यह जानकर हैरानी होती है कि देश की सड़कों पर चलने वाले करीब 56 फीसदी वाहन बिना इंश्योरेंस के हैं।" अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि बीमा न होने की स्थिति में सड़क दुर्घटना के पीड़ितों और उनके परिवारों को मुआवजा पाने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ती है।
सुनवाई के दौरान भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) और जनरल इंश्योरेंस काउंसिल (GIC) ने इस अवधि को बढ़ाने का विरोध किया था। उनका तर्क था कि लंबी अवधि की पॉलिसी से प्रीमियम बढ़ जाएगा और इससे बिना बीमा वाले वाहनों की संख्या में कोई खास कमी नहीं आई है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इन तर्कों को दरकिनार करते हुए कहा, "सड़क सुरक्षा के हित में अवधि को एक साल और बढ़ाया जाना चाहिए।"
इंश्योरेंस पॉलिसी की नई संरचना
इसके साथ ही, अदालत ने निजी वाहनों के लिए एक चार-स्तरीय बीमा संरचना को भी मंजूरी दी है। इसमें अनिवार्य थर्ड-पार्टी पॉलिसी के अलावा तीन वैकल्पिक कवर शामिल हैं: वाहन में सवार लोगों के लिए कानूनी दायित्व कवर, मालिक-चालक और यात्रियों के लिए व्यक्तिगत दुर्घटना कवर, और वाहन को हुए नुकसान के लिए 'ओन-डैमेज' कवर। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि पॉलिसी खरीदते समय हर ग्राहक को एक 'कस्टमर ऑप्शन फॉर्म' दिया जाए ताकि वे अपनी जरूरत के अनुसार अतिरिक्त कवर चुन सकें।
इनपुट: IANS



