जब पाकिस्तानी थे अदनान सामी तब किया था ये गलत काम, इसलिए लगा 50 लाख रूपये का जुर्माना

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Adnan Sami
Adnan Sami

पाकिस्तान से भारतीय नागरिक बने अदनान सामी पर 50 लाख का जुर्माना लगाया गया है। आइये जानते हैं क्या है वो कारण जिसकी वजह से यह जुर्माना लगाया गया है।

विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के लिए अपीलीय न्यायाधिकरण ने भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्व अनुमति के बिना 2003 में मुंबई में आठ फ्लैट खरीदने के लिए सिंगर अदनान सामी पर 50 लाख का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना सामी पर इसलिए लगाया गया क्योकि उन्होंने यह सब खरीदने के बाद RBI को सूचित नहीं किया था।

आपको बता दें कि जब कोई विदेशी भारत में जमीन खरीदता है तो उसे इसकी जानकारी RBI को देनी होती है। अदनान ने ऐसा नहीं किया। बता दें कि अदनान 2003 में भारतीय नागरिक नहीं थे। उन्हें 2015 भारतीयता नागरिकता मिली।

हालांकि ट्रिब्यूनल ने प्रवर्तन निदेशालय के विशेष निदेशक (मुंबई) के संपत्तियों की जब्ती के दिसंबर 2010 के आदेश को रद्द कर दिया है। इसने जुर्माना राशि 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख कर दिया है।

12 सितंबर को यह आदेश जारी किया गया था। जुर्माने की राशि को आदेश के तीन महीने के भीतर जमा करना है। अदनान सामी ने इससे पहले 10 लाख रूपये जमा किए थे।

ट्रिब्यूनल का निर्देश सामी द्वारा विशेष निदेशक के आदेश के खिलाफ फ्लैटों की जब्ती और पांच पार्किंग जगह और दंड में 20 लाख का जुर्माना लगाने के आदेश के खिलाफ आया।

उन्होंने कहा, ‘अधिनियम की धारा 13 (2) के तहत विवेक के आदेश को अलग रखा गया है। धारा 13 (1) के तहत मिली खोज बरकरार रहेगी। सामी आज से तीन महीने के भीतर शेष ₹ 40 लाख प्रतिवादी [ED] को जुर्माने की राशि जमा करेंगे।”

सामी ने 29 दिसंबर, 2003 को मुंबई के लोखंडवाला में ओबेरॉय स्काई गार्डन को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में प्रॉपर्टी खरीदी थीं।

सामी ने फ्लैटों के लिए कुल 2.53 करोड़ का भुगतान किया। बाद में उन्होंने फ़्लैट पत्नी सबा गलादरी के साथ कुछ फ़्लैट के साथ पाँच फ़्लैट ट्रांसफर कर दिए, लेकिन बाद में उनकी शादी को फैमिली कोर्ट ने शून्य घोषित कर दिया।

उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि पाकिस्तानी नागरिक भारत में अचल संपत्ति नहीं खरीद सकते, जैसा कि उन्होंने कोर्ट में यह बताया।

सामी की तरफ से अपील करने वालों में वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी शामिल थे, जबकि ईडी के विशेष निदेशक का प्रतिनिधित्व कानूनी सलाहकार प्रशांत पांडे ने किया था।

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दोनों पक्षों को सुनने के बाद ट्रिब्यूनल ने उल्लेख किया कि “फ्लैट्स भारतीय रुपए द्वारा खरीदे गए थे, भारत में अर्जित धनराशि में से, जिस पर आयकर का भुगतान किया गया है, साथ ही साथ भारत के बैंकों से ऋण लिए गए हैं। ऋणों का विधिवत चुकाया गया है। यह देखा गया कि सामी ने फ्लैटों की खरीद के बाद, भारतीय नागरिकता प्रदान करने के लिए भी आवेदन किया था और उन्हें 1 जनवरी 2016 को प्राकृतिककरण का प्रमाण पत्र जारी किया गया था।”

सामी भारत 2001 में पर्यटक वीजा के तौर पर आये थे। इन एक सालों में उन्होंने बॉलीवुड में खूब नाम कमाया। जिसके बाद उन्होंने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन कर दिया।