कुम्भ में लाखों लोगों को भोजन करवाना चाहते हैं यह संत, प्रशासन लगा रहा अडंगा

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ॐ नम: शिवाय’ वह मूल मंत्र है जो हमारे शरीर का शुद्धीकरण करता है और साथ ही आप के अंदर ध्यान की अवस्था लाने में मदद करता है। सर्वज्ञ शिव ने संपूर्ण देहधारियों के सारे मनोरथों की सिद्धि के लिए इस ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का प्रतिपादन किया है। इसी ॐ नमः शिवाय मंत्र के द्वारा मैं भगवान शिव की कृपा से सप्ताह में लाखों भक्तों के शारीरिक,आर्थिक व पारिवारिक दुःख दूर करता हूँ।

यह कहना है ॐ नमः शिवाय प्रभु जी का. ॐ नमः शिवाय प्रभु जी आज लखनऊ स्थित अपने आश्रम पर पत्रकारों से बात कर रहे थे। प्रभु जी ने कहा कि गरीबों और असहायों की सेवा नारायण की सेवा है। इसीलिए मैंने सेवा का यह मार्ग चुना है। मेरे हर आश्रम पर प्रतिदिन 15 से 20 हज़ार की संख्या में गरीबों को भोजन करवाया जाता है।

कुम्भ समागम 2019 में अपने संकल्प की जानकारी देते हुए प्रभु जी ने कहा कि इस अंतराष्ट्रीय आयोजन, जिस पर पूरे विश्व की निगाह लगी हुई, उसमें मैंने चार से पांच लाख लोगों को प्रतिदिन भोजन करवाने का संकल्प लिया है।

प्रभु जी ने कहा कि इसके लिए मैंने मेला प्रशासन व अन्य सक्षम लोगों से संगम वापसी मार्ग पर पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराने का आग्रह किया है लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई सफलता नहीं मिल सकी है।

प्रभु जी ने कहा कि आप मीडिया के मित्रों के माध्यम से संगम वापसी मार्ग पर पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराने की अपनी मांग मैं शासन प्रशासन तक पहुँचाना चाहता हूँ।

प्रभु जी ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि मेरे सेवा भाव को ध्यान में रखते हुए शासन प्रशासन कुम्भ समागम 2019 में संगम वापसी मार्ग पर पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराएगा क्योंकि इसी मार्ग से दूर दराज़ से आए तीर्थयात्री व साधु संत वापस आते हैं।

उन्होने कहा कि इस मार्ग पर पर्याप्त भूमि मिलने से मैं चार से पांच लाख लोगों को प्रतिदिन भोजन करवाने का अपना संकल्प पूरा कर सकूंगा।