‘तेजस’ ने चीन और पाकिस्तान के फाइटर जेट को भी पीछे छोड़ दिया!


राजनाथ सिंह, इंडिया के डिफेंस मिनिस्टर ने आज फाइटर जेट तेजस मे उड्डन भारी। बंगलोरे के एयरफोर्स स्टेशन पर इस इवेंट की तैयारी करी गयी है. इस फाइटर प्लेन को इंडिया में ही डिज़ाइन और बिल्ड किया गया है.

राजनाथ सिंह लड़ाकू विमान में उड़ान भरने वाले पहले रक्षा मंत्री भी हैं।

साल के अंत में भारतीय एयरफोर्स में 16 तेजस फाइटर जेट्स जोड़े जाएंगे। इन जेट्स को भारतीय वायु सेना के 45 वें स्क्वाड्रन में जोड़ा जाएगा
यह  जेट्स हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड और एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी ने डिज़ाइन और बनाया है। क्या प्लेन का ईक बुद बुराड़ी है या क्या आप लाइट है और का नाम से काम कर रहे हैं, और क्या हो सकता है। इस विमान का प्लस पॉइंट है कि यह बहुत हल्का है और यह थोड़ी दूरी पर भी उड़ान भर सकता है।


यह भारतीय वायु सेना में एक और महान जोड़ है। तेजस पाकिस्तान और चीन के फाइटर जेट थंडरबर्ड से बेहतर है और इससे भारत को अपने प्रतिद्वंद्वियों पर बढ़त हासिल है

इस जेट को ऐसे डिज़ाइन किया गया है की इसको डिज़ाइन करना थोड़ा मुश्किल है और यह ओपन दुश्मनो पर बहुत ही अच्छे से नज़र रख सकता है. एक बार में यह विमान 54 हज़ार की ऊंचाई और 3000 किलोमीटर तक की दुरी तक उड़ान भर सकता है. यह विमान हवा से हवा में और हवा से जमीन पर मिसाइल हमला भी कर सकता है.

इस फाइटर जेट में मिसाइल, बम सब कुछ फिट कर सकते है  और ऐसे ही बहुत साडी फीचर्स से भरा है तेजस. 3 साल पहले इसको तैयार करने की आज्ञा मिली थी और आज यह इंडियन एयर फ़ोर्स की ताकत को बढ़ाने क लिए तैयार है

तेजस के इंडियन एयर फ़ोर्स में होने से इंडिया की डिफेंस पावर काफी कन्ट्रीज से बहुत ताकतवर हो गयी है.

83 तेजस जेटस क लिए HAL को 45 हज़ार करोड़ रूपए दिए गए थे और आज यह पूरी तरह तैयार है और अपनी पहली उड़ान ले रहा है

तेजस MiG-21 फाइटर जेट्स को रिप्लेस करेगा जो अभी तक इंडियन एयरफोर्स यूज़ कर रहे थे.

तेजस से पहले इस फाइटर का नाम LCA रखा गया था जिसका मतलब लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है एंड 2003 में इसे ऑफिशियली तेजस नाम दिया गया था.

यह इंडिया के लिए एक बहुत गर्व की बात है एंड हम आशा करेंगे हम ऐसे ही आगे बढ़ते रहे

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