धर्म अफीम के समान है किसने कहा और क्यों ?
कार्ल मार्क्स ने धर्म को अफीम के समान कहा था। लेख में बताया गया है कि जब धर्म का नाजायज उपयोग, अंधविश्वास और दंगों में होता है, तब वह अफीम जितना खतरनाक बन सकता है।
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कार्ल मार्क्स ने धर्म को अफीम के समान कहा था। लेख में बताया गया है कि जब धर्म का नाजायज उपयोग, अंधविश्वास और दंगों में होता है, तब वह अफीम जितना खतरनाक बन सकता है।
लेख में राजा विक्रमादित्य द्वारा अरब के मक्का में मक्केश्वर शिवलिंग की स्थापना के दावे पर चर्चा की गई है, लेकिन यह विवादित और अपुष्ट माना जाता है।
अंग्रेज व्यापारी मसाला, मोती, जवाहरात, मलमल और रेशम जैसी वस्तुओं का व्यापार करने भारत आए थे। स्थानीय शासकों की फूट का लाभ उठाकर वे शासन करने लगे और कच्चे माल को सस्ते दामों में खरीदकर तैयार माल बेचते थे।
भारत का इतिहास बहुत ही गौरवशाली रहा है. अगर भारत की सबसे बड़ी और खुबशुरत विशेषता की बात करें, तो यहां कि विविधता यहां की सबसे बड़ी विशेषता हैं.
राजा चंवरसेन सूर्यवंशी क्षत्रिय चंवर वंश के प्रतापी राजा माने जाते हैं, जिनकी राजधानी गुजरात का चंवरावती नगर थी; कर्नल टॉड ने इनका वर्णन किया है।
वर्तमान समय आज आप जहां भी जाते हैं, ज्यादात्तर लोग ट्रेन से यात्रा करते हैं.
भारत एक लोकतांत्रिक देश है. इसके साथ ही हम विश्व में सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के तौर पर भी अपनी पहचान रखते हैं. जहां पर सरकार जनता द्वारा चुनी जाती है.
भारत का इतिहास बहुत गौरवशाली रहा है. यहां की भूमि ने अनेंक महान् आत्माओं को जन्म दिया है.