सीवान गोलीकांड: कांग्रेस सांसद का आरोप- 'सरकार युवाओं को गोली से दबाना चाहती है'
बिहार के सीवान में हुई फायरिंग की घटना पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस की एक जांच टीम ने रविवार को घटनास्थल का दौरा किया, जिसके बाद सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने सरकार पर युवाओं की…
बिहार के सीवान में हुई फायरिंग की घटना पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस की एक जांच टीम ने रविवार को घटनास्थल का दौरा किया, जिसके बाद सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने सरकार पर युवाओं की आवाज को बेरहमी से कुचलने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगाया। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस घटना में बच्चों को निशाना बनाया गया, जो लोकतंत्र में अस्वीकार्य है।
प्रतापगढ़ी ने बताया कि उनकी टीम ने घायल बच्चों से मुलाकात की है। उन्होंने कहा, "एके-47 चली, जिसका शोर पूरी दुनिया में सुनाई पड़ रहा है, लेकिन वहां पर तीन बच्चों को गोली लगी, और वे गोलियां एके-47 से नहीं, बल्कि पिस्तौल से चलाई गई थीं।" उन्होंने इसे एक बहुत गंभीर मामला बताते हुए कहा कि एक बच्चे के पैर में, जबकि दो अन्य के गर्दन और गले में गोली लगी है।
जांच रिपोर्ट और अगला कदम
इस फैक्ट-फाइंडिंग टीम में इमरान प्रतापगढ़ी के साथ सासाराम के सांसद मनोज राम, विक्रांत भूरिया और विनोद जाखड़ भी शामिल थे। प्रतापगढ़ी के मुताबिक, बच्चों का दर्द देखकर ऐसा लगता है कि यह किसी आंदोलन को कुचलने की कोशिश थी और हमला जान से मारने की नीयत से किया गया था।
उन्होंने कहा, "हम इन सभी तथ्यों को अपने साथ ले जा रहे हैं और राहुल गांधी के सामने रखेंगे।" उन्होंने विश्वास जताया कि राहुल गांधी जल्द ही पीड़ितों से मिलेंगे और इस मुद्दे को संसद में भी उठाया जाएगा।
'युवाओं को शिक्षा की जगह मिल रही गोली'
सरकार पर निशाना साधते हुए प्रतापगढ़ी ने कहा कि युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत माना जाता है, लेकिन सरकार उन्हें ही एके-47, पिस्टल और लाठी से कुचलना चाहती है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद का हवाला देते हुए कहा कि युवाओं को शिक्षा और रोजगार की जगह गोलियां दी जा रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी, "लोकतंत्र में विरोध की आवाज को दबाने के लिए हथियारों का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
इनपुट: IANS



