आंध्र प्रदेश: YSRCP अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी का नायडू सरकार पर 'बदले की राजनीति' का आरोप
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने राज्य की चंद्रबाबू नायडू सरकार पर 'बदले की राजनीति' करने और कानून व्यवस्था को ध्वस्त करने का…
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने राज्य की चंद्रबाबू नायडू सरकार पर 'बदले की राजनीति' करने और कानून व्यवस्था को ध्वस्त करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में हमलावरों को सुरक्षा दी जा रही है, जबकि पीड़ितों पर ही आपराधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, जगन मोहन रेड्डी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के माध्यम से सरकार पर कई सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, "चंद्रबाबू नायडू, आज आंध्र प्रदेश में असल में क्या हो रहा है? अगर हमला करने वाले सत्ताधारी पार्टी के हों तो उन्हें सुरक्षा मिलती है। अगर पीड़ित वाईएसआर कांग्रेस के हों तो उन पर केस दर्ज होते हैं।"
विधायकों की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
जगन रेड्डी ने अपनी पार्टी के नेताओं और विधायकों पर हुई हालिया कार्रवाइयों का हवाला देते हुए सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आलूर से विधायक विरुपाक्षी की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए पूछा, "क्या लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए विधायक के घर पर रात 2:45 बजे भारी पुलिस बल भेजकर दरवाजा तोड़ने की जरूरत थी?" उन्होंने दावा किया कि विधायक अपने ही क्षेत्र में TDP कार्यकर्ताओं द्वारा कथित रूप से हमले के शिकार एक YSRCP नेता के परिवार से मिलने गए थे, जहाँ उन पर भी पथराव हुआ। इसके बावजूद, हमलावरों की जगह विधायक विरुपाक्षी और उनके समर्थकों पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया।
इसी तरह, उन्होंने श्रीकाकुलम जिले में पूर्व मंत्री सीडिरी अप्पाला राजू और गुंटूर ईस्ट के पूर्व विधायक शेख मोहम्मद मुस्तफा की गिरफ्तारियों का भी उल्लेख किया। रेड्डी ने आरोप लगाया कि एक सड़क दुर्घटना को राजनीतिक रंजिश के तहत हत्या के मामले में बदल दिया गया और एक व्यावसायिक विवाद में अपहरण का झूठा केस बनाया गया, क्योंकि ये नेता YSRCP से जुड़े हैं।
सरकार पर ध्यान भटकाने का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं द्वारा उठाए जा रहे गंभीर मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए झूठे केस और आधी रात की गिरफ्तारियों का सहारा ले रही है। उन्होंने डीएससी-2025 में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच, शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे, 'विद्या दीवेना' और 'वसति दीवेना' योजनाओं के 9,500 करोड़ रुपए के बकाए और 3,000 रुपए के बेरोजगारी भत्ते जैसे मुद्दों का जिक्र किया।
चंद्रबाबू नायडू को चेतावनी देते हुए जगन रेड्डी ने कहा, "मिस्टर चंद्रबाबू, याद रखें राजनीतिक सत्ता और पुलिस की ताकत हमेशा नहीं रहती। आप कितने भी केस दर्ज करें, कितने भी दरवाजे तोड़ें, वाईएसआरसीपी पीछे नहीं हटेगी। हम पीड़ितों के साथ खड़े रहेंगे और तानाशाही के खिलाफ लड़ेंगे।"
इनपुट: IANS



