चुनाव आयोग में आंतरिक मतभेद उजागर, मुख्य आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज़
चुनाव आयोग में आंतरिक कलह और कार्यप्रणाली को लेकर उपजे विवाद ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर अपने दो साथी आयुक्तों की राय को नजरअंदाज करने के आरोपों के…
चुनाव आयोग में आंतरिक कलह और कार्यप्रणाली को लेकर उपजे विवाद ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर अपने दो साथी आयुक्तों की राय को नजरअंदाज करने के आरोपों के बीच कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शुक्रवार को ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग की है।
यह पूरा विवाद मीडिया में आई उन खबरों के बाद गहराया है, जिनमें कहा गया था कि पिछले 10 महीनों के दौरान चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने आयोग के कई फैसलों और प्रक्रियाओं पर आंतरिक रूप से अपनी असहमति जताई थी। तीन सदस्यीय आयोग में परंपरा के अनुसार, अध्यक्ष होने के नाते मुख्य चुनाव आयुक्त से सर्वसम्मति से निर्णय लेने की अपेक्षा की जाती है।
विपक्ष का राष्ट्रव्यापी विरोध का आह्वान
कांग्रेस इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में है। केसी वेणुगोपाल ने बताया कि इस विषय पर अगले सप्ताह होने वाली कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक में चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, चुनाव आयोग से जुड़े इन घटनाक्रमों पर विचार-विमर्श के लिए 'इंडिया' गठबंधन की भी एक बैठक बुलाई जाएगी। केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और सीपीआई (एम) नेता पिनाराई विजयन ने भी सीईसी पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुमार ने अन्य दो आयुक्तों द्वारा दर्ज की गई कानूनी राय को दरकिनार कर आयोग के सामूहिक कामकाज को कमजोर किया है।
विजयन ने 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान करते हुए इसे संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा का अभियान बताया है। उनकी मांग है कि मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए और जिन लोगों को गलत तरीके से सूची से बाहर किया गया है, उनके मताधिकार को बहाल किया जाए।
क्या है पूरा विवाद?
विवाद का केंद्र मुख्य रूप से मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया, विशेष रूप से विशेष गहन संशोधन (एसआईआर), के दौरान आयोग का कामकाज रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि सीईसी ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग के सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन किया है। इसी के विरोध में शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तिरुवनंतपुरम में लोक भवन तक एक मार्च निकाला और ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने की मांग की।
इनपुट: IANS



