रविवार, 2 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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बिहार: छात्र आंदोलन पर पुलिसिया कार्रवाई की कांग्रेस ने शुरू की जांच, कानूनी लड़ाई की तैयारी में पार्टी

बिहार में हाल ही में हुए छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों की जांच के लिए कांग्रेस पार्टी ने एक फैक्ट-फाइंडिंग समिति का गठन किया है। समाचार एजेंसी…

बिहार: छात्र आंदोलन पर पुलिसिया कार्रवाई की कांग्रेस ने शुरू की जांच, कानूनी लड़ाई की तैयारी में पार्टी
(फोटो: IANS)

बिहार में हाल ही में हुए छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों की जांच के लिए कांग्रेस पार्टी ने एक फैक्ट-फाइंडिंग समिति का गठन किया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस समिति ने पटना समेत राज्य के कई जिलों में अपना काम शुरू कर दिया है। समिति का मुख्य ध्यान 22 और 25 जुलाई को हुए प्रदर्शनों पर है, जब प्रश्नपत्र लीक और शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों ने आवाज उठाई थी।

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भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार ने रविवार को एक प्रेस वार्ता में बताया कि समिति का मकसद किसी पर राजनीतिक आरोप लगाना नहीं, बल्कि तथ्यों और सबूतों के आधार पर एक निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की गई।

सबूत जुटा रही है जांच समिति

यह समिति छात्रों, उनके अभिभावकों, शिक्षकों, वकीलों और पत्रकारों सहित सभी संबंधित पक्षों से मिलकर सबूत इकट्ठा कर रही है। कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार के अनुसार, कई छात्रों ने समिति के सामने अवैध हिरासत में रखने, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और कानूनी अधिकारों के हनन की शिकायतें दर्ज कराई हैं। उन्होंने दावा किया कि नाबालिग छात्रों और छात्राओं के साथ हुए व्यवहार को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं।

समिति इस बात की गहन पड़ताल कर रही है कि कितने छात्रों को हिरासत में लिया गया, कितनों की गिरफ्तारी हुई, उन पर कौन सी धाराएं लगाई गईं और इस पूरी प्रक्रिया में कानूनी प्रावधानों का कितना पालन किया गया।

रिपोर्ट के आधार पर होगी कानूनी कार्रवाई

कन्हैया कुमार ने सरकार से सवाल किया कि छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने का आदेश किस स्तर पर दिया गया था। उन्होंने कहा कि सिर्फ मुकदमे वापस लेने की घोषणा काफी नहीं है, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि समिति की विस्तृत रिपोर्ट अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) को सौंपी जाएगी। अगर जरूरत पड़ी तो इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर हाईकोर्ट समेत अन्य कानूनी मंचों पर न्याय के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी।

इस दौरान मौजूद मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने बताया कि जांच का दायरा सिर्फ पटना तक ही सीमित नहीं है। समिति जहानाबाद, गया और सिवान जैसे अन्य जिलों में हुई घटनाओं की भी पड़ताल कर रही है।

इनपुट: IANS

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News4Social बिहार डेस्क

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