फांसी से बचने के लिए निर्भया के दोषियों की अजीब दलीलें

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फांसी से बचने के लिए निर्भया के दोषियों की दलीलें

निर्भया हत्याकांड में फांसी की सजा पाने वाले 4 दोषियों में से एक ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की. जिसका नाम अक्षय है जिसने मौत की सजा से बचने के लिए अजीब दलील दी है. जिसमें उसने याचिका में दिल्ली के गैस चैंबर होने, सतयुग-कलियुग, महात्मा गांधी, अहिंसा के सिद्धांत और दुनियाभर के शोधों का जिक्र किया.

वहीं दोषी अक्षय ने कहा कि जब दिल्ली में प्रदूषण की वजह से वैसे ही लोगों की उम्र घट रही है, तो हमें फांसी क्यों दी जा रही है? अक्षय ने मौत की सजा पर पुनर्विचार की अपील की है तो वहीं एक अन्य दोषी विनय ने राष्ट्रपति के पास भेजी दया याचिका वापस लेने की मांग की है. उसने कहा कि मर्सी पिटीशन पर मेरे हस्ताक्षर नहीं हैं.

निर्भया कांड के एक दोषी अक्षय कुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में फांसी की सजा को लेकर पुनर्विचार याचिका दायर की है. गौरतलब है कि अन्य आरोपियों की तरह ही ट्रायल कोर्ट ने अक्षय को भी फांसी की सजा सुनाई थी. जिसे दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा. अक्षय से पहले विनय शर्मा राष्ट्रपति के पास अपनी दया याचिका भेज चुका है जो खारिज कर दी गई है.

वहीं दूसरी और तिहाड़ जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि ऐसा नहीं है कि फांसी देने के लिए सारी रस्सी बक्सर से ही मंगाई जाएंगी. हमारे पास पांच रस्सी अभी भी हैं. लेकिन हम बक्सर प्रशासन से संपर्क कर रहे हैं. वहां से फांसी देने वाली स्पेशल 11 रस्सी मंगाए जाने की बात है. इन्हें जल्द ही मंगाया जाएगा. क्योंकि अगर इन चारों को फांसी दी जाती है, तो तिहाड़ जेल के पास जो पांच रस्सियां हैं. वह कम पड़ जाएंगी. इनमें से एक-दो रस्सी से ट्रायल भी किया जाना है.

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अधिकारी का यह भी कहना है कि फांसी देने के लिए वैसे तो जल्लाद की कोई जरूरत नहीं है, अगर फिर भी इसकी जरूरत पड़ी तो हम यूपी और महाराष्ट्रा या फिर बंगाल से जल्लादों को बुलाया जा सकता है. जिसके लिए तैयारी अभी से ही शुरू कर दी गई है.