बुधवार, 8 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
अपराध

श्रीगंगानगर मामला: नाबालिग से दुष्कर्म और तस्करी पर महिला आयोग का कड़ा रुख, 15 दिन में मांगी रिपोर्ट

राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक 13 वर्षीय नाबालिग के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और तस्करी के मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने गहरी चिंता जताते हुए कड़ा रुख अपनाया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्

श्रीगंगानगर मामला: नाबालिग से दुष्कर्म और तस्करी पर महिला आयोग का कड़ा रुख, 15 दिन में मांगी रिपोर्ट
(फोटो: IANS)

राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक 13 वर्षीय नाबालिग के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और तस्करी के मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने गहरी चिंता जताते हुए कड़ा रुख अपनाया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग ने इस घटना को गंभीर प्रशासनिक और पुलिस लापरवाही का नतीजा बताया है और संबंधित अधिकारियों से 15 दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है।

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आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर की अध्यक्षता में हुई सुनवाई के दौरान मामले में हुई गंभीर चूकों पर चिंता व्यक्त की गई। आयोग ने पुलिस, चिकित्सा विभाग और फोरेंसिक टीम के बीच बेहतर तालमेल के साथ जांच में तेजी लाने पर जोर दिया। इस मामले में अब तक 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें होटल संचालक और मैनेजर भी शामिल हैं।

प्रशासन और पुलिस को सख्त निर्देश

आयोग ने जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को कई अहम निर्देश दिए हैं। प्रशासन से कहा गया है कि जिले में अवैध रूप से चल रहे सभी होटलों और संस्थानों की 15 दिनों में पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही, इन संस्थानों को चलने देने वाले जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही भी तय करने का आदेश दिया गया है।

पुलिस अधीक्षक को स्थानीय पुलिसिंग, गश्त और निगरानी प्रणाली में हुई खामियों की जांच करने के लिए कहा गया है। आयोग ने इस बात पर भी जोर दिया कि आरोप पत्र निर्धारित समय सीमा के भीतर दाखिल किया जाना चाहिए, ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।

पीड़िता के पुनर्वास और सुरक्षा पर जोर

राष्ट्रीय महिला आयोग ने पीड़िता को समय पर बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश न किए जाने को एक गंभीर मुद्दा माना और इसकी जांच के निर्देश दिए हैं। बाल कल्याण समिति को पीड़िता की सुरक्षा, देखभाल और पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

सुनवाई के दौरान श्रीगंगानगर के जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक, मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) के प्रभारी और बाल कल्याण समिति के अधिकारी भी मौजूद थे। आयोग ने जिला प्रशासन और CWC को पीड़िता के लिए आर्थिक सहायता, मुआवजे और पुनर्वास की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया है।

इनपुट: IANS

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News4Social वायर डेस्क

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