पश्चिम बंगाल: बांग्लादेश भेजे जाने वाले कफ सिरप रैकेट का पर्दाफाश, व्यापारी के घर से ₹2.40 करोड़ बरामद
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में पुलिस ने एक बड़े तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जो पड़ोसी देश बांग्लादेश में नशीले कफ सिरप की सप्लाई करता था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सिलसिले…
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में पुलिस ने एक बड़े तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जो पड़ोसी देश बांग्लादेश में नशीले कफ सिरप की सप्लाई करता था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सिलसिले में की गई एक छापेमारी में एक स्थानीय दवा व्यापारी के किराए के घर से 2.40 करोड़ रुपये से ज़्यादा की नकदी और सोना ज़ब्त किया गया है।
यह कार्रवाई मंगलहाट इलाके में दिलीप साहा नामक व्यक्ति के एक फ्लैट पर की गई, जिसे पिंटू सरकार नाम के दवा व्यापारी ने किराए पर ले रखा था। पुलिस ने इस मामले में पिंटू सरकार के साथ-साथ दो अन्य स्थानीय निवासियों, गोपाल चाकी और सुशांत हलदर को भी गिरफ्तार किया है।
भारी मात्रा में नकदी और सोना ज़ब्त
छापेमारी के दौरान बरामद नकदी इतनी ज़्यादा थी कि उसे गिनने के लिए तीन नोट गिनने वाली मशीनों का इस्तेमाल करना पड़ा। गिनती पूरी होने पर कुल रकम 2,40,97,380 रुपये पाई गई। इसके अलावा, करीब 2.80 लाख रुपये के बाज़ार मूल्य का लगभग 20 ग्राम सोना और एक लैपटॉप भी ज़ब्त किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई पिछले महीने दक्षिण दिनाजपुर ज़िले में हुई एक ज़ब्ती से मिले सुरागों के आधार पर की गई।
अलग-अलग ठिकानों पर कार्रवाई
इसी जांच के तहत, मालदा जिला पुलिस की एक और टीम ने खैहट्टा इलाके में भी तलाशी अभियान चलाया। सोमवार सुबह 4 बजे तक चली इस कार्रवाई में प्रतिबंधित कफ सिरप की 9,000 बोतलें ज़ब्त की गईं। गौरतलब है कि पिछले महीने दक्षिण दिनाजपुर के मेहंदीपाड़ा इलाके से भी कफ सिरप की लगभग 1,500 बोतलों की एक बड़ी खेप पकड़ी गई थी। इस तरह के कफ सिरप की बांग्लादेश में नशे के तौर पर काफी मांग है, जिस वजह से इसकी तस्करी बड़े पैमाने पर होती है।
यह घटनाक्रम बीरभूम जिले में हाल ही में हुई एक और बड़ी बरामदगी के बाद सामने आया है, जहां पुलिस ने पिछले हफ्ते मिनार मंडल नाम के व्यक्ति के घर से 28 करोड़ रुपये नकद और 15 किलोग्राम सोने के बिस्कुट (लगभग 22 करोड़ रुपये मूल्य) ज़ब्त किए थे। मिनार मंडल, फरार पत्थर खदान मालिक तुलु मंडल का करीबी रिश्तेदार है, जिसका नाम मवेशी तस्करी मामले में सामने आया था और वह तृणमूल कांग्रेस नेता अनुब्रत मंडल का सहयोगी माना जाता था।
इनपुट: IANS



