मध्य प्रदेश: स्लीमनाबाद टनल पूरी होने की कगार पर, 5 ज़िलों की ढाई लाख हेक्टेयर ज़मीन को मिलेगा पानी
मध्य प्रदेश के विंध्य और महाकौशल क्षेत्र के पांच जिलों के लिए स्लीमनाबाद टनल एक बड़ी सौगात बनने जा रही है। लगभग 12 किलोमीटर लंबी यह सुरंग बनकर लगभग तैयार है, जिसके बाद 1450 गांवों की करीब 2.45 लाख…
मध्य प्रदेश के विंध्य और महाकौशल क्षेत्र के पांच जिलों के लिए स्लीमनाबाद टनल एक बड़ी सौगात बनने जा रही है। लगभग 12 किलोमीटर लंबी यह सुरंग बनकर लगभग तैयार है, जिसके बाद 1450 गांवों की करीब 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि को स्थायी सिंचाई की सुविधा मिलेगी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निर्माण कार्य का जायजा लेते हुए इसे क्षेत्र की तकदीर बदलने वाली परियोजना बताया।
यह टनल जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना के किसानों के लिए वरदान साबित होगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, आगामी तीन महीनों में रबी की फसल के लिए ही किसानों को 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का पानी उपलब्ध करा दिया जाएगा। इस परियोजना को राज्य सरकार के 'किसान कल्याण वर्ष' में किसानों के लिए एक बड़ी सौगात माना जा रहा है।
इंजीनियरिंग का चमत्कार
यह सुरंग इंजीनियरिंग के लिहाज़ से भी एक मिसाल है। इसकी कुल लंबाई 11.952 किलोमीटर है और यह विंध्य पर्वतमाला के नीचे से गुज़रती है। खास बात यह है कि यह नर्मदा नदी के पानी को गुरुत्वाकर्षण के ज़रिए सोन नदी बेसिन तक पहुंचाएगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे विज्ञान का चमत्कार बताते हुए कहा, "नर्मदा नदी तो खंभात की खाड़ी में जाकर मिलती है, लेकिन यह विज्ञान का चमत्कार ही है कि अब मां नर्मदा इस ऐतिहासिक टनल के माध्यम से गंगा बेसिन में सोन नदी के आसपास के अंचल में भी हरियाली लाएगी।"
कई जगहों पर इसकी गहराई ज़मीन से 120 फीट नीचे तक है और इसे इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि यह भीषण भूकंप में भी 100 साल तक सुरक्षित रह सकती है। इसका निर्माण कार्य 2016 में जर्मनी से लाई गई आधुनिक मशीन से तेज़ किया गया था।
सिंचाई के साथ पेयजल और बिजली
यह बहुउद्देशीय परियोजना न सिर्फ सिंचाई का रकबा बढ़ाएगी, बल्कि कई इलाकों में पेयजल की समस्या का भी समाधान करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से चित्रकूट सहित विंध्य क्षेत्र के पांच जिलों में समृद्धि आएगी। उन्होंने कहा, "कई स्थानों पर इसमें बिजली भी बनाई जाएगी। यह परियोजना राज्य में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के संकल्प की पूर्ति में निर्णायक भूमिका निभाएगी।" एक अनूठी स्थिति यह भी बनेगी कि इस टनल में नीचे नर्मदा नदी बहेगी, जबकि इसके ऊपर से कटनी नदी प्रवाहित होगी।
इनपुट: IANS



