गुरूवार, 23 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
अपराध

सिक्किम सुरंग हादसा: झारखंड के 4 मज़दूरों की मौत, गांव में मातम और परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

सिक्किम के नामची जिले में एक निर्माणाधीन सुरंग में हुए भीषण हादसे ने झारखंड के चार परिवारों की ज़िंदगी में अंधेरा कर दिया है। रोजी-रोटी के लिए घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर गए इन चार मजदूरों की मौत की…

सिक्किम सुरंग हादसा: झारखंड के 4 मज़दूरों की मौत, गांव में मातम और परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
(फोटो: IANS)

सिक्किम के नामची जिले में एक निर्माणाधीन सुरंग में हुए भीषण हादसे ने झारखंड के चार परिवारों की ज़िंदगी में अंधेरा कर दिया है। रोजी-रोटी के लिए घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर गए इन चार मजदूरों की मौत की खबर बुधवार को जैसे ही उनके गांवों तक पहुंची, वहां मातम पसर गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हादसे में अब तक कुल 22 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें झारखंड के ये चार श्रमिक भी शामिल हैं।

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यह दर्दनाक घटना एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की एक सुरंग में हुई। बताया जा रहा है कि खुदाई के दौरान मीथेन गैस का रिसाव हुआ, जिसके बाद एक ज़ोरदार धमाका हुआ। इस विस्फोट से सुरंग का एक हिस्सा ढह गया और अंदर ज़हरीली गैस और धुआं भर गया, जिसकी चपेट में आकर कई मज़दूरों की मौत हो गई।

कौन थे वो चार मज़दूर?

इस हादसे में जान गंवाने वाले झारखंड के श्रमिकों की पहचान कर ली गई है। इनमें खूंटी ज़िले के रनिया प्रखंड स्थित डाहु गांव के 22 वर्षीय कृष्णा साहू और 25 वर्षीय बडरू विकास कंडुलना शामिल हैं। इनके अलावा हजारीबाग ज़िले के बरही प्रखंड के रहने वाले 46 वर्षीय जगेश्वर ठाकुर और पश्चिमी सिंहभूम ज़िले के कुमसिंग मदुरा गांव के 27 वर्षीय मसीह बरजो की भी इस हादसे में मृत्यु हो गई।

सरकार ने बढ़ाया मदद का हाथ

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात कर प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य का श्रम विभाग और प्रवासी श्रमिक सेल सक्रिय हो गया है।

शवों को घर लाने की तैयारी: अधिकारियों के अनुसार, सिक्किम प्रशासन, एनएचपीसी और झारखंड सरकार मिलकर काम कर रहे हैं। कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद चारों शवों को सम्मानपूर्वक उनके पैतृक गांवों तक पहुंचाया जाएगा। शवों को सड़क और हवाई मार्ग से लाने का पूरा खर्च झारखंड सरकार उठाएगी।

आर्थिक सहायता की घोषणा: इस मुश्किल घड़ी में पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल देने के लिए अनुग्रह राशि की घोषणा की गई है। एनएचपीसी की ओर से पांच लाख रुपये, सिक्किम सरकार द्वारा चार लाख रुपये और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।

इनपुट: IANS

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News4Social क्राइम डेस्क

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