पालघर अस्पताल मारपीट कांड: शिवसेना जिलाध्यक्ष समेत 7 पदाधिकारी गिरफ्तार, एक अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर
महाराष्ट्र के पालघर स्थित रिलीफ हॉस्पिटल में एक कर्मचारी के साथ मारपीट की घटना में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में फरार चल रहे शिवसेना के सात पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है…
महाराष्ट्र के पालघर स्थित रिलीफ हॉस्पिटल में एक कर्मचारी के साथ मारपीट की घटना में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में फरार चल रहे शिवसेना के सात पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनमें पार्टी के जिलाध्यक्ष कुंदन सांखे भी शामिल हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस गिरफ्तारी के बाद मामले में पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या 21 हो गई है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
यह पूरा विवाद दही हांडी उत्सव के दौरान घायल हुए गोविंदाओं के इलाज को लेकर शुरू हुआ था। उस दिन मानव पिरामिड बनाते समय घायल हुए पांच गोविंदाओं को इलाज के लिए रिलीफ हॉस्पिटल लाया गया था। इनमें से तीन को ओपीडी में इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि सिर और रीढ़ की हड्डी में चोट के कारण दो को भर्ती करना पड़ा। 19 वर्षीय ओंकार कलवाडकर को सिर में चोट लगने के कारण आईसीयू में रखा गया था।
बिल को लेकर कैसे बढ़ा विवाद?
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, कुछ स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने मरीजों के सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी जांचों पर सवाल उठाए। वे बिना मेडिकल बिल चुकाए मरीजों को डिस्चार्ज करने की मांग कर रहे थे। अस्पताल के निदेशक विशाल गोडगिकारकर ने बताया कि लगभग 19,866 रुपये के बिल पर 20% की छूट देने के बाद भी वे भुगतान करने को तैयार नहीं थे और उनका व्यवहार आक्रामक हो गया।
सीसीटीवी में कैद हुई घटना
अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखा कि कुछ लोग अस्पताल के प्रतिबंधित क्षेत्रों में जबरन घुस गए। आरोप है कि उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर के साथ दुर्व्यवहार किया, अस्पताल गिराने की धमकी दी और बीच-बचाव करने आए बिलिंग रिसेप्शनिस्ट विवेक बाबुलिंगा को थप्पड़ भी जड़ दिया। इसके बाद वे लोग आईसीयू में घुस गए, कर्मचारियों को धमकाया और एक मरीज को बिना डॉक्टरी सलाह के जबरन अस्पताल से ले गए।
अस्पताल की शिकायत पर पुलिस ने कुल 22 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और संबंधित कानूनों के तहत मामला दर्ज किया था। एफआईआर में शिवसेना के जिला प्रमुख कुंदन सांखे, शहर प्रमुख राहुल घरत और स्थानीय विधायक राजेंद्र गावित के बेटे रोहित गावित का नाम भी शामिल था। इस घटना के बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राहुल घरत को पार्टी से निलंबित कर दिया था।
इनपुट: IANS



