मराठा आरक्षण: मनोज जरांगे पाटिल ने किया मुंबई कूच का ऐलान, 19 सितंबर से आजाद मैदान में करेंगे अनशन
मराठा आरक्षण के लिए अपनी भूख हड़ताल के 15वें दिन आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल ने अपने संघर्ष को मुंबई ले जाने का बड़ा फैसला किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने जालना के…
मराठा आरक्षण के लिए अपनी भूख हड़ताल के 15वें दिन आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल ने अपने संघर्ष को मुंबई ले जाने का बड़ा फैसला किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने जालना के अंतरवाली सराटी से मुंबई के आजाद मैदान तक एक विशाल मार्च निकालने की घोषणा की है, जहाँ वे 19 सितंबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
जरांगे ने इस मार्च को मराठा समुदाय के गौरव और अस्तित्व का प्रतीक बताया है। शनिवार को अंतरवाली सराटी में एक बड़ी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र सरकार और पुलिस प्रशासन से अपील की कि उनके शांतिपूर्ण मार्च में किसी भी तरह की बाधा न डाली जाए। उन्होंने साफ कहा कि अगर उन्हें कहीं भी रोका गया, तो वे टकराव करने के बजाय वहीं सड़क पर शांति से बैठ जाएंगे।
मार्च का रूट और पड़ाव
मनोज जरांगे पाटिल 15 सितंबर को अंतरवाली सराटी से अपने समर्थकों के साथ निकलेंगे। गाड़ियों का यह लंबा काफिला कई चरणों में अपनी यात्रा पूरी करेगा। मार्च का विस्तृत रूट इस प्रकार है: अंतरवाली – शाहगढ़ – गेवराई – बीड – मंजरसुम्भा – लिम्बा गणेश – पाटोदा।
इस यात्रा के दौरान कई मुख्य पड़ाव होंगे:
- पहला पड़ाव: पाटोदा (बीड जिला)
- दूसरा पड़ाव: श्रीगोंडा (अहिल्यानगर जिला)
- तीसरा पड़ाव: हडपसर (पुणे जिला)
- चौथा पड़ाव: खोपोली (रायगढ़ जिला) या कोपरखैरने (नवी मुंबई)
अंतिम मंजिल मुंबई का आजाद मैदान होगी। जरांगे ने बताया कि पुणे और पश्चिमी महाराष्ट्र के समर्थकों को शामिल करने के लिए हडपसर वाला रूट चुना गया है।
समर्थकों से शांति और अनुशासन की अपील
मनोज जरांगे ने मार्च में शामिल होने वाले सभी लोगों से सख्त अनुशासन बनाए रखने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा, "हम अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से भूख हड़ताल करना चाहते हैं।" उन्होंने काफिले में शामिल लोगों को ओवरटेक न करने, आम लोगों को परेशान न करने और तय रास्ते पर ही चलने की हिदायत दी है।
अपनी सेहत पर उन्होंने बताया कि वे सिर्फ IV फ्लूइड्स के सहारे ही बोल पा रहे हैं। इसे समुदाय की "आखिरी लड़ाई" बताते हुए जब उन्होंने भीड़ से पूछा कि उन्हें यहीं रुकना चाहिए या मुंबई जाना चाहिए, तो समर्थकों ने 'मुंबई, मुंबई!' के नारों के साथ जवाब दिया। इसके बाद उन्होंने कहा, "हमारा मकसद शांति से मुंबई पहुंचना और जीत हासिल करके लौटना है।"
इनपुट: IANS



