मुंब्रा की युवती पर ATS का शिकंजा, पिता के इंडियन मुजाहिदीन कनेक्शन के बाद पासपोर्ट की गहन जांच
महाराष्ट्र के आतंकवाद-रोधी दस्ते (ATS) की जांच के केंद्र में मुंब्रा की एक 19 वर्षीय युवती आ गई है। युवती, नामीराह तारिक खान पर आरोप है कि उसने अपने पुराने पासपोर्ट की जानकारी छिपाकर एक नया पासपोर्ट…
महाराष्ट्र के आतंकवाद-रोधी दस्ते (ATS) की जांच के केंद्र में मुंब्रा की एक 19 वर्षीय युवती आ गई है। युवती, नामीराह तारिक खान पर आरोप है कि उसने अपने पुराने पासपोर्ट की जानकारी छिपाकर एक नया पासपोर्ट बनवाया था। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह मामला तब और गंभीर हो गया जब जांच में उसके पिता तारिक खान के संबंध प्रतिबंधित संगठनों सिमी और इंडियन मुजाहिदीन (IM) से जुड़े पाए गए, जिसके बाद मुंब्रा पुलिस ने नामीराह के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
एटीएस को यह जानकारी मिली थी कि नामीराह ने अधूरा ब्योरा देकर नया पासपोर्ट हासिल किया है। जांच में पता चला कि उसके पास पहले से ही लखनऊ से जारी एक पासपोर्ट मौजूद था, जिसकी जानकारी उसने नए आवेदन में नहीं दी थी। अब एजेंसियां उसके दोनों पासपोर्ट, विदेश यात्राओं और फरार पिता से उसके संभावित संपर्कों की गहन जांच कर रही हैं।
पिता का आतंकी संगठनों से जुड़ाव
जांच के दौरान तारिक खान का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया, जिससे एटीएस और सतर्क हो गई। सूत्रों के मुताबिक, तारिक के खिलाफ तीन मामले दर्ज हैं:
- 2001: प्रतिबंधित संगठन सिमी से जुड़े होने का आरोप।
- 2006: मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा UAPA के तहत मामला दर्ज।
- 2011: फर्जी करेंसी मामले में UAPA की गंभीर धाराओं के तहत केस।
एजेंसियों का आरोप है कि तारिक खान अपने भड़काऊ भाषणों के लिए जाना जाता था और वह कथित तौर पर इंडियन मुजाहिदीन व सिमी के लिए युवाओं की भर्ती करता था और उन्हें कट्टरपंथ की ओर धकेलता था। उसे IM के रियाज और यासीन भटकल का करीबी भी माना जाता था।
ट्रेनिंग कैंप और विदेश यात्राओं की जांच
सूत्रों ने बताया कि तारिक पर कई युवाओं को पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा के ट्रेनिंग कैंप में भेजने का भी आरोप है। वह 2006 में भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय IM के एक ट्रेनिंग सेंटर के संचालन से भी जुड़ा था। जांच में यह भी पता चला कि 2007 में उसने पुणे के कोंढवा इलाके में IM से जुड़े कई युवाओं को पनाह दी थी और उन्हें मोबाइल फोन से जुड़ी ट्रेनिंग दी थी।
माना जाता है कि तारिक 2011 के बाद देश छोड़कर भाग गया और किसी खाड़ी देश में छिपा हो सकता है। अब एटीएस नामीराह की विदेश यात्राओं की पड़ताल कर रही है। नाबालिग होने के दौरान उसने अपने पुराने (लखनऊ से जारी) पासपोर्ट पर 2014 और 2016 में खाड़ी देश की यात्रा की थी। एजेंसियों को शक है कि वह इन यात्राओं के दौरान अपने पिता से मिली हो सकती है।
मामले में एक और नया मोड़ आया है, जब पता चला कि जांच तेज होते ही नामीराह की मां शबाना भी कहीं चली गई है। कुछ समय पहले ही शबाना का पासपोर्ट भी रिन्यू हुआ था। फिलहाल, एटीएस और मुंब्रा पुलिस पूरे परिवार के आपसी संपर्कों और नामीराह द्वारा नया पासपोर्ट बनवाने के असल मकसद की जांच कर रही हैं।
इनपुट: IANS



