अयोध्या: 80 जर्जर इमारतों पर नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, खाली करने के नोटिस जारी
अयोध्या में नगर निगम ने शहर की 80 पुरानी और जर्जर हो चुकी इमारतों को असुरक्षित घोषित करते हुए नोटिस जारी किया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह कदम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हाल ही में हुए…
अयोध्या में नगर निगम ने शहर की 80 पुरानी और जर्जर हो चुकी इमारतों को असुरक्षित घोषित करते हुए नोटिस जारी किया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह कदम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हाल ही में हुए एक इमारत हादसे के बाद उठाया गया है, जिसमें पांच छात्रों समेत सात लोगों की जान चली गई थी। नगर निगम अब इन खतरनाक इमारतों को लेकर सक्रिय हो गया है।
नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने पत्रकारों को बताया कि मुख्य अभियंता की रिपोर्ट के आधार पर इन 80 इमारतों की पहचान की गई है, जो अब रहने के लिए सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इन इमारतों को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
खाली कराई जा रही हैं इमारतें
प्रशासन की योजना के तहत, जो जर्जर इमारतें पहले से खाली हैं, उन्हें तुरंत सील किया जा रहा है ताकि कोई उनका इस्तेमाल न कर सके। वहीं, जिन इमारतों में अभी भी लोग रह रहे हैं, उन्हें सुरक्षा कारणों से घर खाली करने के लिए कहा गया है।
अधिकारियों के अनुसार, लोगों से यह भी कहा गया है कि यदि संभव हो तो वे अपनी इमारतों की मरम्मत कराएं। जयेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया, "जिन इमारतों की मरम्मत नहीं हो सकती, वहां रहने वाले लोगों से दूसरी जगह जाने के लिए कहा जा रहा है।" जब इन इमारतों को गिराने के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि "कानून के प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।"
दिल्ली हादसे के बाद बढ़ी सख्ती
यह कार्रवाई 6 सितंबर को दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हादसे के बाद हो रही है। उस घटना के बाद साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 105, 290 और 125(ए) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में जांच के दौरान इमारत के मालिक उर्मिला गुप्ता, हरि राम गुप्ता और महेश गुप्ता, ठेकेदार सनोज और पीजी संचालक सुधांशु लोवनीश कुमार को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में एक वकील शुभम त्यागी ने शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।
इनपुट: IANS



