सत्य निकेतन इमारत हादसा: बिल्डिंग मालिक और पत्नी जेल भेजे गए, बेटे से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड मिली
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत ढहने के मामले में आरोपी बिल्डिंग मालिक और उसके परिवार पर अदालत ने शिकंजा कस दिया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, पटियाला हाउस कोर्ट ने बुधवार…
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत ढहने के मामले में आरोपी बिल्डिंग मालिक और उसके परिवार पर अदालत ने शिकंजा कस दिया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, पटियाला हाउस कोर्ट ने बुधवार को मालिक हरिराम गुप्ता और उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, उनके बेटे महेश गुप्ता को दो दिन की पुलिस कस्टडी में सौंपा गया है।
दिल्ली पुलिस ने अदालत में दलील दी थी कि इस घटना में महेश गुप्ता की भूमिका अहम हो सकती है। पुलिस को शक है कि इमारत में हुए अवैध निर्माण और वहां पेइंग गेस्ट (PG) चलाने में उसकी सीधी संलिप्तता थी, इसलिए उससे गहन पूछताछ आवश्यक है। जज भव्य खरेल ने पुलिस की इस मांग को स्वीकार कर लिया।
घायलों से मिले मंत्री, सरकार की समीक्षा बैठक
इस बीच, सोमवार को दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद इस हादसे में घायल हुए लोगों का हाल जानने एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुँचे। उन्होंने वहां भर्ती चार मरीजों से मुलाकात की, जिनमें से एक आईसीयू में है। मंत्री ने बताया कि सभी घायलों को उचित इलाज मिल रहा है और उनके परिवारों के रहने का इंतजाम भी प्रशासन द्वारा एम्स में ही किया गया है।
घटना के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। मंत्री सूद ने उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में भी हिस्सा लिया। इस बैठक में एनडीआरएफ के डीजी और दिल्ली पुलिस कमिश्नर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक का मुख्य एजेंडा दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा और छात्रों के लिए पीजी से जुड़े नियमों पर चर्चा करना था।
छात्रों के लिए सुरक्षित आवास पर जोर
समीक्षा बैठक के बाद मंत्री सूद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बताया कि वह वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति का नेतृत्व करेंगे। यह समिति पीजी से जुड़े दिशा-निर्देशों की समीक्षा करने के साथ-साथ छात्रों के लिए डीडीए, एमसीडी और विश्वविद्यालयों के माध्यम से वैकल्पिक आवास की संभावनाएं तलाशेगी। उन्होंने कहा, "सत्य निकेतन की घटना दुखद है। हम आपातकालीन तैयारियों को बेहतर बनाने और देशभर से आने वाले छात्रों को सुरक्षित आवासीय सुविधाएं देने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।"
इनपुट: IANS



