सत्य निकेतन हादसा: दिल्ली में पेइंग गेस्ट आवासों का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट, सुरक्षा नियमों की समीक्षा के लिए समिति गठित
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद सरकार एक्शन मोड में आ गई है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, दिल्ली सरकार ने राजधानी में सभी मौजूदा पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों का…
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद सरकार एक्शन मोड में आ गई है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, दिल्ली सरकार ने राजधानी में सभी मौजूदा पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने का फैसला किया है। इसके साथ ही पीजी से जुड़े सुरक्षा नियमों की समीक्षा कर उन्हें और सख्त बनाया जाएगा।
यह निर्णय उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में हुई एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया, जिसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी शामिल हुईं। सीएम गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि बैठक में भवन सुरक्षा, छात्र आवास और पीजी नियमों जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने कहा, "जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा या जिसकी जिम्मेदारी सामने आएगी, उसे बख्शा नहीं जाएगा।"
छात्रों के लिए सुरक्षित आवास पर जोर
बैठक में छात्रों के लिए सुरक्षित और किफायती आवास सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। शहरी विकास मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। यह समिति मौजूदा पीजी नियमों की समीक्षा करने के अलावा विश्वविद्यालयों, दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के माध्यम से छात्रों के लिए आवास सुविधाएं बढ़ाने के तरीकों का पता लगाएगी। सरकार डीडीए के खाली पड़े आवासों को छात्रों को आवंटित करने की संभावना पर भी विचार कर रही है।
लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई
सत्य निकेतन हादसे के संबंध में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए MCD के पांच अधिकारियों को पहले ही निलंबित कर दिया है। निलंबित होने वालों में दक्षिणी जोन के डिप्टी कमिश्नर से लेकर जूनियर इंजीनियर तक शामिल हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने शहर भर में अवैध रूप से बनी पांचवीं मंजिलों वाले भवनों की पहचान कर उन्हें सील करने के लिए एक विशेष अभियान चलाने के भी निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आसपास के पीजी और अन्य इमारतों की भी गहन जांच की जाएगी और उल्लंघन पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
इस अहम बैठक में दिल्ली के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, एनडीआरएफ के महानिदेशक पीयूष आनंद और दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। सरकार के इन कदमों को असुरक्षित इमारतों के खिलाफ एक व्यापक अभियान का संकेत माना जा रहा है।
इनपुट: IANS



