सहारनपुर में मस्जिद पर बुलडोजर: AIMIM नेता वारिस पठान ने भाजपा पर 'कथनी-करनी में अंतर' का आरोप लगाया
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट में एक मस्जिद को अवैध बताकर गिराए जाने की घटना पर AIMIM नेता वारिस पठान ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि 'सबका साथ, सबका…
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट में एक मस्जिद को अवैध बताकर गिराए जाने की घटना पर AIMIM नेता वारिस पठान ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास' का नारा देने वालों ने मस्जिद पर नहीं, बल्कि लोगों के 'सीने पर बुलडोजर' चलाया है।
समाचार एजेंसी IANS से मुंबई में हुई बातचीत के दौरान, पठान ने इस कार्रवाई को संविधान के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि जिस जगह पर लोग पिछले 30 वर्षों से नमाज़ पढ़ रहे थे, उसे ध्वस्त कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकारें केवल नफरत फैलाने का काम कर रही हैं।
मोहन भागवत और VHP के निर्देशों पर सवाल
वारिस पठान ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के हालिया अमेरिका दौरे के एक बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि भागवत ने कहा था कि यदि भारत में कोई हिंदू, मुसलमानों के खिलाफ कुछ कहता है तो वह हिंदू नहीं है। पठान ने इस पर तंज कसते हुए कहा, "अब इसका असर देखिए, इसीलिए मैं कहता हूं कि उनके कहने और करने में बहुत बड़ा अंतर है।"
उन्होंने विश्व हिंदू परिषद (VHP) को संघ की ही एक शाखा बताते हुए नवरात्रि के दौरान मुसलमानों के लिए जारी किए गए निर्देशों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, "अब आदेश जारी किया गया है कि मुसलमान नवरात्रि में शामिल नहीं हो सकते, उन्हें तिलक लगाना होगा और अपना आधार कार्ड दिखाना होगा।" पठान ने सवाल किया, "राष्ट्रवाद और देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांटने वाले आप कौन होते हैं?"
मराठी भाषा और संजय दत्त विवाद
अभिनेता संजय दत्त द्वारा एक कार्यक्रम में मराठी बोलने से इनकार करने पर भी वारिस पठान ने अपनी बात रखी। यह कार्यक्रम महाराष्ट्र सरकार के मंत्री प्रताप सरनाईक का था। पठान ने कहा, "हम मराठी भाषा का सम्मान करते हैं। मैं भी मराठी बोलता, पढ़ता और लिखता हूं। लेकिन किसी को बाध्य नहीं किया जाना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि जब संजय दत्त जैसे बड़े अभिनेता ने मंच से मराठी बोलने से मना किया तो मंत्री केवल हंसते रहे। पठान ने मंत्री सरनाईक को चुनौती दी कि वे अपने दोस्त बॉलीवुड सितारों और उद्योगपतियों से भी मराठी में बात करके दिखाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के मंत्री अपना ज़ुल्म सिर्फ ऑटो चालकों पर ही दिखाते हैं।
इनपुट: IANS



