सत्य निकेतन इमारत हादसा: दिल्ली सरकार ने AAP-कांग्रेस पर राजनीति करने का लगाया आरोप, कार्रवाई का दिया भरोसा
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए इमारत हादसे को लेकर अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। दिल्ली सरकार ने इस दुखद घटना पर राजनीति करने के लिए विपक्षी दलों आम आदमी पार्टी (आप) और…
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए इमारत हादसे को लेकर अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। दिल्ली सरकार ने इस दुखद घटना पर राजनीति करने के लिए विपक्षी दलों आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस की आलोचना की है। इस हादसे में सात लोगों की जान चली गई थी।
दिल्ली सरकार के प्रवक्ता और मोती नगर से विधायक हरीश खुराना ने एक वीडियो बयान जारी किया है। समाचार एजेंसी IANS के हवाले से मिली खबर के अनुसार, खुराना ने कहा कि उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता घटनास्थल से अधिक से अधिक छात्रों को बचाना थी, जबकि 'आप' और कांग्रेस एक-दूसरे पर दोष मढ़ने में व्यस्त थे।
विपक्ष को पुराने हादसों की दिलाई याद
प्रवक्ता हरीश खुराना ने 'आप' पर निशाना साधते हुए कहा कि जब दिल्ली और नगर निगम (MCD) में उनकी पार्टी सत्ता में थी, तब 2023 और 2024 में इमारतें गिरने की 700 से ज़्यादा घटनाएँ हुई थीं। उन्होंने कहा कि इन हादसों में 50 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, इसके बावजूद 'आप' सत्य निकेतन की घटना पर आरोप-प्रत्यारोप कर रही है।
खुराना ने कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया और पूर्वी दिल्ली के ललिता पार्क में हुए एक बड़े इमारत हादसे की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि उस समय शहर और केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी और उस हादसे में 65 से ज़्यादा लोगों की जान गई थी।
सरकार की कार्रवाई और आश्वासन
हरीश खुराना ने स्पष्ट किया कि आरोप लगाने से कुछ नहीं होगा और रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार इस मामले में सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने MCD के पाँच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है और इमारत की अवैध पाँचवीं मंजिल को सील करने का भी आदेश दिया है। खुराना ने कहा, "हम सिस्टम को ठीक करेंगे। दिल्ली सरकार संवेदनशील है और ज़मीनी स्तर पर काम कर रही है।"
इससे पहले, रविवार को दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया था। उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम, सभी इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं। मल्होत्रा ने यह भी आश्वासन दिया था कि बचाव कार्य के बाद घटना की पूरी जाँच की जाएगी और अगर कोई विभाग या अधिकारी लापरवाह पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
इनपुट: IANS



