झारखंड पेपर लीक: पटना से एक और गिरफ़्तारी, बिचौलिए की भूमिका निभाने का आरोप
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की स्नातक स्तरीय परीक्षा (CGL) में हुए कथित प्रश्नपत्र लीक मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मामले की छानबीन कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की विशेष…
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की स्नातक स्तरीय परीक्षा (CGL) में हुए कथित प्रश्नपत्र लीक मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मामले की छानबीन कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की विशेष जांच टीम (SIT) ने सोमवार को पटना से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिस पर इस नेटवर्क में बिचौलिए की भूमिका निभाने का आरोप है।
समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान पटना निवासी राजन कुमार के रूप में हुई है। जांचकर्ताओं को उसका नाम पहले पकड़े गए आरोपियों और कुछ अभ्यर्थियों से हुई पूछताछ में मिला था। तकनीकी साक्ष्यों और मिली जानकारी के आधार पर SIT ने उसकी भूमिका की जांच की और मामले से जुड़ाव के सबूत मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में खुल सकते हैं नए राज़
जांच एजेंसी को उम्मीद है कि राजन कुमार से पूछताछ के बाद इस पेपर लीक कांड से जुड़े नेटवर्क और अन्य लोगों के बारे में अहम सुराग मिल सकते हैं। यह इस मामले में हुई हालिया बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले रविवार को SIT ने पलामू के डुमरी से एक सफल अभ्यर्थी कुंदन कुमार को भी गिरफ्तार किया था। कुंदन पर प्रश्नपत्र लीक करने वाले गिरोह को पैसे देने का आरोप है। वह मूल रूप से डुमरी का रहने वाला है और गुमला जिले के सिसई में पदस्थापित था।
नेपाल में रटवाए गए थे उत्तर
जांच में यह बात सामने आई है कि प्रश्नपत्र लीक गिरोह ने आईसीएन के मिथिलेश सिंह से पेपर हासिल किया था। इसके बाद परीक्षा से ठीक पहले अभ्यर्थियों को प्रश्नों के उत्तर मुहैया कराए गए। अपराध अनुसंधान विभाग के अनुसार, इस मामले में 125 से अधिक अभ्यर्थी जांच के दायरे में हैं। इनमें से 28 अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले नेपाल ले जाकर 135 प्रश्नों के उत्तर रटवाने का संगीन आरोप है। कथित तौर पर इन्हीं में से 120 प्रश्न मुख्य परीक्षा में हूबहू पूछे गए थे।
संदिग्धों के बैंक खातों पर नज़र
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसी संदिग्ध अभ्यर्थियों और आरोपियों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल के साथ-साथ उनके बैंक खातों में हुए वित्तीय लेन-देन की भी गहनता से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अगर किसी भी अभ्यर्थी की धांधली में संलिप्तता साबित होती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिससे चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति भी प्रभावित हो सकती है।
इनपुट: IANS



