दिल्ली हादसे में गई कटनी के अक्षत की जान, IPS बनने का सपना रह गया अधूरा
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए इमारत हादसे ने मध्य प्रदेश के कटनी निवासी एक होनहार छात्र का आईपीएस अफसर बनने का सपना हमेशा के लिए छीन लिया। हादसे में जान गंवाने वाले छात्र अक्षत यादव का शव जब…
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए इमारत हादसे ने मध्य प्रदेश के कटनी निवासी एक होनहार छात्र का आईपीएस अफसर बनने का सपना हमेशा के लिए छीन लिया। हादसे में जान गंवाने वाले छात्र अक्षत यादव का शव जब उनके गृह नगर कटनी पहुंचा, तो परिवार और परिचितों में मातम पसर गया। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, अक्षत की मौत ने उनके परिवार के साथ-साथ उनके शिक्षकों और दोस्तों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है।
अक्षत के पिता मंता सिंह यादव ने बताया कि हादसे के बाद मलबा हटाने के लिए दो जेसीबी मशीनों और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। सुबह तक मलबा हटाने का काम पूरा होने के बाद घायलों को एम्स भेजा गया था। उन्होंने बताया कि अक्षत की पहचान उसकी टी-शर्ट से की गई।
आईपीएस बनने का था जुनून
अक्षत जिस डीपीएस स्कूल में पढ़ते थे, उसकी प्रिंसिपल सीमा दुबे ने उन्हें एक बेहद महत्वाकांक्षी छात्र के रूप में याद किया। उन्होंने कहा, "उसने स्पष्ट तौर पर कहा था कि वह बड़ा होकर आईपीएस अधिकारी बनना चाहता है।" स्कूल की एक और शिक्षक सीमा यादव ने बताया कि अक्षत पढ़ाई में तो होनहार था ही, साथ ही एक अच्छा फुटबॉलर और बेहतरीन वक्ता भी था। प्रिंसिपल ने कहा कि जब स्कूल से जुड़े लोग इस घटना से इतने दुखी हैं, तो परिवार की पीड़ा का अंदाज़ा लगाना भी मुश्किल है।
शरीर पर पुराने निशानों से हुई पुष्टि
परिवार के साथ दिल्ली गए पूर्व पार्षद विजय रजक ने बताया कि अक्षत के शरीर पर मौजूद पुराने चोट के निशानों से उसकी पहचान की पुष्टि करने में मदद मिली। रजक के मुताबिक, बचपन में अक्षत के घुटने के पास गंभीर चोट लगी थी, जिसके ऑपरेशन के बाद पैर पर 12 से 15 टांकों का निशान था। इसके अलावा, उसकी गर्दन पर मौजूद कुछ विशेष तिलों से भी उसकी शिनाख्त की गई। परिवार को हादसे की खबर टीवी से मिली थी, लेकिन उन्हें रात करीब 9 बजे पता चला कि अक्षत भी उसी इमारत में था। अगली सुबह उन्हें उसके निधन की दुखद सूचना मिली।
इनपुट: IANS



