जनरल मोटर्स और SAIC ने 2047 तक बढ़ाया अपना साझा सफ़र, चीन में 30 नए इलेक्ट्रिक वाहन लॉन्च करने की तैयारी
चीन के ऑटोमोबाइल बाज़ार की दीर्घकालिक संभावनाओं पर भरोसा जताते हुए शांगहाई ऑटोमोटिव इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन (SAIC) और अमेरिकी कंपनी जनरल मोटर्स (GM) ने अपने दशकों पुराने संयुक्त उद्यम (Joint Venture) को…
चीन के ऑटोमोबाइल बाज़ार की दीर्घकालिक संभावनाओं पर भरोसा जताते हुए शांगहाई ऑटोमोटिव इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन (SAIC) और अमेरिकी कंपनी जनरल मोटर्स (GM) ने अपने दशकों पुराने संयुक्त उद्यम (Joint Venture) को और आगे बढ़ाने का फ़ैसला किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों कंपनियों ने बुधवार को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत उनके साझा उपक्रम 'शांगहाई जनरल मोटर्स' की अवधि 20 साल के लिए बढ़ाकर 2047 तक कर दी गई है।
यह नवीनीकरण दोनों कंपनियों के बीच लगभग 30 वर्षों के सफल सहयोग का नतीजा है। इस नए समझौते का उद्देश्य बदलते वैश्विक ऑटोमोबाइल उद्योग के बीच चीन में अपनी स्थिति को और मज़बूत करना है। दोनों पक्ष अब टेक्नोलॉजी रिसर्च, सप्लाई चेन और वैश्विक बाज़ार में अपने संसाधनों को लेकर सहयोग और गहरा करेंगे।
स्मार्ट और इलेक्ट्रिक वाहनों पर ज़ोर
भविष्य की योजनाओं के तहत, शांगहाई जनरल मोटर्स अपने वाहनों के स्मार्ट और विद्युतीकरण (Electrification) की दिशा में तेज़ी से काम करेगी। कंपनी ने 2030 तक कम से कम 30 नए ऊर्जा वाहन (New Energy Vehicle) मॉडल बाज़ार में उतारने का लक्ष्य रखा है। इस कदम से कंपनी चीन के प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन ब्रांडों में अपनी जगह बनाना चाहती है।
इसके अलावा, कंपनी स्मार्ट टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अपनी स्थानीय अनुसंधान और विकास क्षमताओं को भी बढ़ाएगी। चीन की मज़बूत तकनीकी सप्लाई चेन का लाभ उठाते हुए, यह संयुक्त उद्यम स्मार्ट केबिन और एडवांस्ड ऑटोमेटेड ड्राइविंग तकनीक के विकास में तेज़ी लाएगा, ताकि चीनी उपभोक्ताओं को एक सुरक्षित और बेहतर ड्राइविंग अनुभव मिल सके।
अब 'चीन से दुनिया तक' का लक्ष्य
इस समझौते की एक अहम बात यह है कि यह केवल चीन के बाज़ार तक ही सीमित नहीं है, बल्कि 'शांगहाई जनरल मोटर्स' के वैश्विक विस्तार के लिए भी रास्ते खोलेगा। पहले इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य वैश्विक टेक्नोलॉजी को चीन में लाना था। लेकिन अब, भविष्य में कंपनी चीन की क्षमताओं का उपयोग करके यहां विकसित और निर्मित उत्पादों को वैश्विक बाज़ार में ले जाने पर ध्यान केंद्रित करेगी। इसे 'चीनी वैश्वीकरण' की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इनपुट: IANS



