विदेश मंत्री बनने के बाद एस जयशंकर का बयान, पड़ोसियों के लिए रखना होगा बड़ा दिल
भारत के नवगठित सरकार के विदेशमंत्री ने इस पड़ का कार्यभार संभालने के बाद पहली बार किसी कार्यक्रम में शिरकत की है.
भारत के नवगठित सरकार के विदेशमंत्री ने इस पड़ का कार्यभार संभालने के बाद पहली बार किसी कार्यक्रम में शिरकत की है. सीआईआई और अनंत एस्पेन सेण्टर(थिंक टैंक) के तत्वधान में हुए एक कार्यक्रम में बोलते हुए एस जयशंकर ने कहा कि पूरे विश्व में रहने वाले भारतीयों की मदद करना एक ज़िम्मेदारी है, और इसने भारतीय विदेश मंत्रालय की छवि बदल दी है.
मालूम हो कि पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोशल मीडिया के ज़रिये कई विदेश मामलो का समाधान कर के विदेश मंत्रालय की छवि बदल दी थी, कार्यभार सँभालने के बाद एस जयशंकर ने इस बात की पुष्टि कर दी थी कि वे भी इस तरह की रवायत को आगे बढ़ाएंगे.

इसके अलावा पड़ोसी देशो के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में विकास की मुख्य ज़िम्मेदारी भारत की है, और इससे बाकियों का भी विकास होगा. ऐसे में हमें पड़ोसियों के लिए दिल बड़ा रखना होगा. मालूम हो कि अभी हुए शपथ ग्रहण समारोह में बिम्सटेक देशो को बुलाया गया था.
इसके अलावा उनसे जब विदेश मंत्रालय सँभालने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि, एक हफ्ते मैंने सोचा भी नही था कि मैं विदेश मंत्री बनूँगा. इसके अलावा उन्होंने मंत्रालयों के समन्वय पर ध्यान देने की भी बात की है. आपको बता दें कि एस जयशंकर पहले विदेश सचिव और चीन जैसे देशो में राजनयिक भी रह चुके हैं.



