ओडिशा: बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव का असर, 11 ज़िलों में भारी बारिश का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में बने एक गहरे निम्न दबाव के कारण ओडिशा के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के…
बंगाल की खाड़ी में बने एक गहरे निम्न दबाव के कारण ओडिशा के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के बाद राज्य सरकार ने 11 ज़िलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह चक्रवात का ख़तरा नहीं है, बल्कि एक गहरा दबाव है जिसके प्रभाव से बारिश होगी।
राज्य की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने सोमवार को प्रभावित होने वाले 11 ज़िलों के कलेक्टरों के साथ एक वर्चुअल बैठक कर तैयारियों का जायज़ा लिया। उन्होंने मीडिया को बताया, "आईएमडी ने हमें सूचित किया है कि चक्रवात नहीं, बल्कि गहरे दबाव के बनने की संभावना है, जिससे भारी से बहुत भारी बारिश होगी।" उन्होंने बताया कि बारिश की तीव्रता मंगलवार से बढ़ने की आशंका है और यह अगले दो दिनों तक जारी रह सकती है।
प्रशासनिक तैयारी और निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी संबंधित ज़िला कलेक्टरों को पूरी तरह सतर्क रहने और अपने मुख्यालय में ही मौजूद रहने का निर्देश दिया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं। कलेक्टरों को बाढ़ और राहत केंद्रों को तैयार रखने, ज़रूरी सामानों का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने और कंट्रोल रूम को सक्रिय करने के लिए कहा गया है।
इसके अलावा, ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF) की टीमों को भी तैयार रहने को कहा गया है। उन्हें जलभराव और डूबने की आशंका वाले पुलों जैसे संवेदनशील स्थानों की पहचान करने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग को भी मुख्य ज़िला चिकित्सा अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर आवश्यक दवाइयों और चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था
प्रशासन ने एक विशेष निर्देश जारी करते हुए कलेक्टरों से कहा है कि वे अपने-अपने ज़िलों में उन गर्भवती महिलाओं की पहचान करें जिनकी प्रसव की तारीख़ें इसी अवधि में पड़ रही हैं। ऐसी महिलाओं को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की व्यवस्था पहले से ही करने को कहा गया है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
IMD भुवनेश्वर की निदेशक मनोरमा मोहंती के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना यह सिस्टम मंगलवार को गहरे दबाव में बदल जाएगा और उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा तट की ओर बढ़ेगा। इसके 23 सितंबर की सुबह तक तट के पास पहुँचने की उम्मीद है। मोहंती ने कहा कि इस मौसमी प्रणाली का सबसे ज़्यादा असर 23 और 24 सितंबर को देखने को मिलेगा, जिसके बाद बारिश में काफ़ी कमी आएगी। गंजाम, गजपति और कंधमाल जैसे दक्षिणी ओडिशा के कई ज़िलों में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। मछुआरों को 21 सितंबर की शाम तक तट पर लौटने और 22 से 24 सितंबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
इनपुट: IANS



