मंगलवार, 22 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
मध्यप्रदेश

कूनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मौत, इलाज के दौरान 'गौरव' ने तोड़ा दम

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट को एक और झटका लगा है। नामीबिया से लाए गए 10 साल से अधिक उम्र के नर चीता 'गौरव' की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। समाचार एजेंसी IANS से मिली…

कूनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मौत, इलाज के दौरान 'गौरव' ने तोड़ा दम
(फोटो: IANS)

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट को एक और झटका लगा है। नामीबिया से लाए गए 10 साल से अधिक उम्र के नर चीता 'गौरव' की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, गौरव को कुछ दिनों पहले ही जंगल से बीमार हालत में रेस्क्यू किया गया था। उसकी मौत के बाद कूनो में चीतों की संख्या अब 51 रह गई है।

विज्ञापन

कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन ने सोमवार शाम एक प्रेस नोट जारी कर बताया कि 12 सितंबर को गौरव को जंगल में निगरानी के दौरान कमजोर और सुस्त पाया गया था। इसके बाद उसे रेस्क्यू कर वन्यजीव चिकित्सकों की देखरेख में रखा गया।

बीमारी और इलाज का ब्योरा

चिकित्सकों ने जांच में पाया कि गौरव की हालत बेहद कमजोर थी। उसके शरीर में पानी की गंभीर कमी (डिहाइड्रेशन) और मांसपेशियों में क्षति के लक्षण थे। डॉक्टरों को किसी पुरानी बीमारी का भी संदेह था। उसकी स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर निगरानी के लिए पालपुर स्थित क्वारंटीन बाड़े में रखकर तत्काल इलाज शुरू किया गया।

हालांकि, लगातार इलाज और देखभाल के बावजूद गौरव की सेहत में सुधार नहीं हो सका। सोमवार शाम करीब 4 बजे उसने दम तोड़ दिया। प्रबंधन के मुताबिक, मौत के असल कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम और सैंपल जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।

कूनो में अब कितने चीते?

इस मौत के बाद कूनो नेशनल पार्क में कुल 51 चीते बचे हैं, जिनमें से 36 भारत में ही जन्मे हैं। पार्क प्रबंधन ने बताया कि इनमें से 16 चीते फिलहाल खुले जंगल में घूम रहे हैं। वहीं, अगर गांधीसागर अभयारण्य में मौजूद चार चीतों को भी मिला लिया जाए तो भारत में चीतों की कुल संख्या 55 है।

इनपुट: IANS

N

News4Social मध्य प्रदेश डेस्क

News4Social मध्य प्रदेश डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से मध्य प्रदेश से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →