धार और झाबुआ में 72,000 किसानों तक पहुंचेगा नर्मदा का पानी, मुख्यमंत्री ने दी 2387 करोड़ की सिंचाई परियोजना की सौगात
मध्य प्रदेश के धार और झाबुआ जिले के लगभग 72,000 किसानों के लिए सिंचाई की एक बड़ी समस्या जल्द ही हल होने वाली है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 2387.60 करोड़ रुपये की लागत वाली…
मध्य प्रदेश के धार और झाबुआ जिले के लगभग 72,000 किसानों के लिए सिंचाई की एक बड़ी समस्या जल्द ही हल होने वाली है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 2387.60 करोड़ रुपये की लागत वाली 'नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना' को हरी झंडी दिखा दी है, जिससे इन दोनों जिलों के 260 गांवों की हजारों हेक्टेयर सूखी भूमि तक पानी पहुंचाया जाएगा।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस परियोजना के माध्यम से कुल 57,422 हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे एक बड़ी सौगात बताते हुए कहा कि सरदार सरोवर बांध के बाद अब विभिन्न परियोजनाओं के जरिए इस क्षेत्र को पर्याप्त जल उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने कहा, "सूखे खेतों को जब पानी मिलता है तो किसानों की फसल सोने जैसे चमकने लगती है।"
राज्य में सिंचाई का बढ़ता रकबा
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सिंचाई के क्षेत्र में हुई प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2002-03 में जहाँ केवल साढ़े सात लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, वहीं 2023 तक यह आंकड़ा 40 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया। सीएम यादव के मुताबिक, "अब पिछले ढाई साल में हमारी सरकार ने सिंचाई का रकबा 60 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाया है।" सरकार ने अब प्रदेश में सिंचाई का रकबा 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा है।
किसान कल्याण और अन्य सौगातें
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बताया कि किसान कल्याण वर्ष में किसानों के हित में कई काम हुए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि दिवाली से पहले प्रदेश के 16 लाख 70 हजार किसानों के खातों में 317.86 करोड़ रुपये की राशि भेजी गई है। सीएम ने कहा, "प्रदेश के किसानों की समृद्धि ही हमारा ध्येय है।"
पीएम मित्र पार्क से मिलेगा रोज़गार
सिंचाई के अलावा, सीएम यादव ने क्षेत्र में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की भी बात की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा धार में दिए गए पीएम मित्र पार्क का उल्लेख करते हुए बताया कि इससे निमाड़-मालवा क्षेत्र के लगभग 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। इस पार्क में कपास से धागा, फिर कपड़ा और अंत में रेडीमेड गारमेंट्स बनाने तक का काम एक ही जगह होगा, जिससे निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा। अनुमान है कि इस पार्क से 3 लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। सीएम ने विश्वास जताया कि इन योजनाओं से धार-झाबुआ के युवाओं, किसानों और महिलाओं को पलायन के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।
कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय महिला एवं बाल-विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि राज्य में "डबल इंजन सरकार" महिला सशक्तिकरण सहित हर क्षेत्र में काम कर रही है। वहीं, धार जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री के 100 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित करने के संकल्प को दोहराया। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने भी इस परियोजना को क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया।
इनपुट: IANS



