तमिलनाडु: नीलगिरि में भारी बारिश और भूस्खलन से तबाही, एक की मौत, NDRF तैनात
तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई जगहों पर हुए भूस्खलन के चलते एक सरकारी बस चालक की मौत हो गई और कंडक्टर गंभीर रूप से घायल हो गया। समाचार…
तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई जगहों पर हुए भूस्खलन के चलते एक सरकारी बस चालक की मौत हो गई और कंडक्टर गंभीर रूप से घायल हो गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिले में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है और राहत एवं बचाव कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की दो टीमें ऊटी में तैनात की गई हैं।
पारलियार क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में 25 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे ऊटी-मेट्टूपालयम मार्ग पर तीन जगहों पर भूस्खलन हुआ। इसी दौरान मलबे में एक सरकारी बस फंस गई, जिससे चालक की मौके पर ही मौत हो गई। घायल कंडक्टर को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रशासन की चेतावनी और बचाव कार्य
जिला कलेक्टर लक्ष्मी भव्या तन्नीरु ने पर्यटकों से अगले तीन दिनों तक नीलगिरि की यात्रा न करने की अपील की है। उन्होंने स्थानीय निवासियों को भी पहाड़ी सड़कों पर पेड़ गिरने और भूस्खलन के खतरे के कारण अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। तमिलनाडु आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुरोध पर NDRF की चौथी बटालियन की टीमों को एहतियाती उपायों और बचाव कार्यों में मदद के लिए भेजा गया है।
सड़क और रेल यातायात ठप
भारी बारिश और भूस्खलन ने सड़क और रेल सेवाओं पर गहरा असर डाला है। कई पहाड़ी मार्गों पर पेड़ उखड़ने से यातायात बाधित है। भूस्खलन के कारण नीलगिरि माउंटेन रेलवे की सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे ऊटी पहुंचना और मुश्किल हो गया है। जिला प्रशासन भारी मशीनों की मदद से सड़कों से मलबा, चट्टानें और गिरे हुए पेड़ों को हटाने के काम में जुटा है। जिला कलेक्टर ने कुनूर-मेट्टूपालयम मार्ग का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया है।
संपत्ति का नुकसान और अन्य घटनाएं
ऊटी के थीट्टुकल इलाके में एक रिटेनिंग वॉल गिरने से दो कारें और छह दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं, कोटागिरि-कोनावक्काराई मार्ग पर एक विशाल पेड़ गिरने से यातायात पूरी तरह रुक गया, जिसे बाद में अग्निशमन विभाग ने हटाया। कोटागिरि क्षेत्र में कोट्टाकंबाई नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है, जिससे नदी किनारे बने एक मकान पर गिरने का खतरा मंडरा रहा है। इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने अगले आदेश तक सभी पर्यटन स्थल बंद कर दिए हैं।
इनपुट: IANS



