रविवार, 25 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
मध्यप्रदेश

देवास में 13 मौतें: जहरीली शराब का शक, प्रशासन का इनकार, कांग्रेस ने सरकार को घेरा

मध्य प्रदेश के देवास जिले के दो गांवों में पिछले 20 दिनों के भीतर 13 लोगों की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि इन सभी की मौत जहरीली शराब पीने से हुई, जबकि स्थानीय प्रशासन…

देवास में 13 मौतें: जहरीली शराब का शक, प्रशासन का इनकार, कांग्रेस ने सरकार को घेरा
(फोटो: IANS)

मध्य प्रदेश के देवास जिले के दो गांवों में पिछले 20 दिनों के भीतर 13 लोगों की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि इन सभी की मौत जहरीली शराब पीने से हुई, जबकि स्थानीय प्रशासन इन दावों को खारिज कर रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ये मौतें 27 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच जिले के चंदाना और बिंजाना गांवों में हुई हैं।

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चंदाना गांव में नौ और बिंजाना गांव में चार लोगों की जान गई है। पीड़ित परिवारों ने बताया कि शराब पीने के बाद इन लोगों को उल्टी, चक्कर और आंखों की रोशनी कम होने जैसी शिकायतें हुईं, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मरने वालों में अधिकतर मजदूर वर्ग के लोग थे, जो शराब का सेवन करते थे।

प्रशासन का इनकार और कांग्रेस के सवाल

एक तरफ जहां प्रशासन मौत के कारणों को अलग-अलग बताकर जहरीली शराब की बात से इनकार कर रहा है, वहीं कांग्रेस ने इस मुद्दे पर राज्य की मोहन यादव सरकार पर तीखा हमला बोला है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि बड़े 'मगरमच्छों' पर कार्रवाई कब होगी।

अरुण यादव ने कहा, "सागर के बाद अब देवास में 13 मौतें, शराब पीकर पहले आंखों की रोशनी गई, फिर जिंदगी। सवाल सीधा है, यह सरकार शराब माफिया चला रहे हैं या सरकार ही शराब माफिया के इशारे पर चल रही है?" उन्होंने यह भी सवाल किया कि मध्य प्रदेश में जहरीली शराब से गरीबों की मौत का सिलसिला कब रुकेगा और हर मौत के बाद सरकार खामोश क्यों हो जाती है।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

यह पहला मौका नहीं है जब प्रदेश में जहरीली शराब से मौतों का मामला सामने आया है। इससे पहले सागर जिले के बंडा में भी ऐसी ही एक घटना में 20 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी। देवास की इस ताजा घटना ने एक बार फिर अवैध शराब के कारोबार और उससे होने वाले खतरों को लेकर बहस छेड़ दी है।

इनपुट: IANS

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News4Social मध्य प्रदेश डेस्क

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