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मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश में सेमीकंडक्टर क्रांति: 5800 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 10,000 नौकरियों की उम्मीद

मध्य प्रदेश ने सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग लगाई है। इंदौर में आयोजित 'मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट 2026' में राज्य को लगभग 5,800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव…

मध्य प्रदेश में सेमीकंडक्टर क्रांति: 5800 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 10,000 नौकरियों की उम्मीद
(फोटो: IANS)

मध्य प्रदेश ने सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग लगाई है। इंदौर में आयोजित 'मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट 2026' में राज्य को लगभग 5,800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को जानकारी दी कि इन निवेशों से प्रदेश में 10,000 से ज़्यादा नौकरियों के अवसर पैदा होने की प्रबल संभावना है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह समिट राज्य में चिप डिजाइन, सेमीकंडक्टर निर्माण और एडवांस्ड पैकेजिंग जैसे हाई-टेक क्षेत्रों को बढ़ावा देने की सरकारी योजनाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थी।

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ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में हुए इस दो दिवसीय सम्मेलन में जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान और स्वीडन समेत विभिन्न देशों के 1,000 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने निवेश, तकनीकी विकास और कौशल निर्माण जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

कोविड ने सिखाया सबक: सीएम यादव

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कोविड महामारी ने सेमीकंडक्टर के रणनीतिक महत्व को दुनिया के सामने उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा, "कोविड महामारी के दौरान सेमीकंडक्टर की कमी ने यह दिखा दिया कि अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए यह क्षेत्र कितना महत्वपूर्ण है।" इसी अनुभव से सीखते हुए राज्य सरकार इस क्षेत्र में घरेलू क्षमताओं को मज़बूत करने की दिशा में तेज़ी से काम कर रही है।

निवेशकों को मिला भरोसा

मुख्यमंत्री यादव ने निवेशकों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में निवेश आकर्षित करने के लिए 25 से अधिक नीतियां बनाई गई हैं। 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' जैसी पहलों से राज्य को करीब 34 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं, जिनमें से 30 प्रतिशत से अधिक अब ज़मीन पर उतरने की प्रक्रिया में हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता 5,000 मेगावाट से बढ़कर 32,000 मेगावाट हो गई है, जो निवेशकों के लिए एक बड़ा आकर्षण है। उन्हें सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और निर्बाध बिजली आपूर्ति का भरोसा दिया गया।

कई कंपनियों को ज़मीन और एमओयू

इस कार्यक्रम के दौरान पांच कंपनियों को ज़मीन आवंटन के लिए 'लेटर ऑफ इंटेंट' (आशय पत्र) भी सौंपे गए। इन परियोजनाओं में कुल 9,625 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 4,450 से अधिक प्रत्यक्ष रोज़गार पैदा होंगे। इनमें ग्वालियर में 50 मेगावाट का हाइपरस्केल डेटा सेंटर और भोपाल में लिथियम-सेल निर्माण इकाई जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा, सात अन्य कंपनियों को इंदौर के इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स में ऑफिस स्पेस दिया गया, जिससे 1,280 से अधिक रोज़गार के अवसर बनेंगे।

सरकार ने चिप डिजाइन और वीएलएसआई पर केंद्रित एक 'सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' और फोटोनिक्स व क्वांटम टेक्नोलॉजी के लिए भी एक अलग उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। साथ ही, कौशल विकास और औद्योगिक सहयोग के लिए पांच संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए गए।

इनपुट: IANS

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News4Social मध्य प्रदेश डेस्क

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