अनिल देशमुख मामला: चांदीवाल आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग, रोहित पवार ने CM को लिखा पत्र
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगे 100 करोड़ रुपए के कथित घोटाले के आरोपों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग फिर से उठ गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार…
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगे 100 करोड़ रुपए के कथित घोटाले के आरोपों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग फिर से उठ गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर न्यायमूर्ति चांदीवाल आयोग की रिपोर्ट को तत्काल सामने लाने का आग्रह किया है, जो चार साल से अधिक समय से सरकार के पास है।
यह मामला 2021 का है, जब देशमुख पर सुनी-सुनाई जानकारी के आधार पर गंभीर आरोप लगे थे। आरोपों की सत्यता की जांच के लिए तत्कालीन राज्य सरकार ने 30 मार्च 2021 को 'जांच आयोग अधिनियम, 1952' के तहत एक न्यायिक आयोग का गठन किया था।
13 महीने की जांच और 1400 पन्नों की रिपोर्ट
उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश के.यू. चांदीवाल की अध्यक्षता वाले इस आयोग ने सभी सबूतों की गहन पड़ताल की। लगभग 13 महीने की लंबी जांच के बाद आयोग ने अपनी 1,400 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट 26 अप्रैल 2022 को राज्य सरकार को सौंप दी थी। हालांकि, रिपोर्ट सौंपे जाने के बावजूद इसे अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।
अनिल देशमुख ने की थी 13 बार मांग
रोहित पवार ने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया कि खुद अनिल देशमुख इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करवाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि देशमुख ने मुख्यमंत्री को 13 बार पत्र लिखे हैं। ये पत्र 27 फरवरी 2024 से लेकर 20 अगस्त 2026 तक की विभिन्न तारीखों में भेजे गए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने दो बार राज्यपाल से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने और रिपोर्ट को तुरंत जारी करवाने का अनुरोध किया था। पवार ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि रिपोर्ट को अब और न दबाया जाए और सच को जनता के सामने लाया जाए।
इनपुट: IANS



