टाटा संस की लिस्टिंग: SP ग्रुप और टाटा ट्रस्ट्स के बीच मतभेद गहराया, जानिए किसने क्या कहा
टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस की शेयर बाज़ार में लिस्टिंग को लेकर दो प्रमुख शेयरधारकों, टाटा ट्रस्ट्स और शापूरजी पल्लोनजी (SP) ग्रुप, के बीच खींचतान बढ़ गई है। जहाँ एक तरफ SP ग्रुप के चेयरमैन…
टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस की शेयर बाज़ार में लिस्टिंग को लेकर दो प्रमुख शेयरधारकों, टाटा ट्रस्ट्स और शापूरजी पल्लोनजी (SP) ग्रुप, के बीच खींचतान बढ़ गई है। जहाँ एक तरफ SP ग्रुप के चेयरमैन शापूरजी पल्लोनजी मिस्त्री ने इसे 'सामाजिक और नैतिक जरूरत' बताया है, वहीं टाटा संस में 66 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाला टाटा ट्रस्ट्स इसके सख्त खिलाफ है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह पूरा विवाद भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के एक हालिया फैसले के बाद और गरमा गया है।
लिस्टिंग पर दो पक्ष, अलग-अलग राय
शापूरजी पल्लोनजी मिस्त्री ने शुक्रवार को आरबीआई के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे पूरी स्पष्टता आ गई है। उनका मानना है कि टाटा संस की लिस्टिंग से पारदर्शिता और जवाबदेही मज़बूत होगी। मिस्त्री ने यह भी संकेत दिया कि उनका समूह इस मुद्दे पर टाटा संस के साथ सकारात्मक बातचीत के लिए तैयार है।
इसके ठीक विपरीत, टाटा ट्रस्ट्स ने एक दिन पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वे टाटा संस को एक पब्लिक कंपनी बनाने के लिए सहमत नहीं हैं। टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने बोर्ड को दिए अपने बयान में कहा कि इस मामले में सिर्फ लिस्टिंग ही एकमात्र विकल्प नहीं है, बल्कि सभी उपलब्ध विकल्पों पर विचार किया जाना चाहिए।
RBI का आदेश और उसकी व्याख्या
नोएल टाटा ने इस बात पर ज़ोर दिया कि आरबीआई के आदेश में विशेष रूप से 'लिस्टिंग का कोई जिक्र नहीं है'। उनके अनुसार, आदेश में न तो किसी 'खास कदम' का उल्लेख है और न ही यह कहा गया है कि टाटा संस ने किसी नियम का उल्लंघन किया है। उन्होंने बताया कि बोर्ड ने अभी तक आरबीआई के पत्र के कानूनी प्रभावों पर कोई अंतिम राय नहीं बनाई है, जिसमें यह भी शामिल है कि कंपनी को क्या और कब तक करना है।
दिलचस्प बात यह है कि टाटा संस के बोर्ड सदस्यों ने गुरुवार को हुई एक बैठक में लिस्टिंग को मंजूरी दे दी थी, जबकि टाटा ट्रस्ट्स, जो कंपनी का सबसे बड़ा शेयरधारक है, लिस्टिंग के पक्ष में नहीं है। इस घटनाक्रम ने कंपनी के बोर्ड और उसके प्रमुख शेयरधारक के बीच मतभेद की स्थिति पैदा कर दी है।
इनपुट: IANS



