एन चंद्रशेखरन ही बने रहेंगे टाटा संस के चेयरमैन, बोर्ड के अनुरोध पर 5 साल का कार्यकाल और मिला
टाटा समूह के शीर्ष पद पर नेतृत्व को लेकर चल रही अनिश्चितता खत्म हो गई है। एन. चंद्रशेखरन अगले पांच वर्षों के लिए टाटा संस के चेयरमैन बने रहेंगे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह फैसला तब आया है जब…
टाटा समूह के शीर्ष पद पर नेतृत्व को लेकर चल रही अनिश्चितता खत्म हो गई है। एन. चंद्रशेखरन अगले पांच वर्षों के लिए टाटा संस के चेयरमैन बने रहेंगे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह फैसला तब आया है जब चंद्रशेखरन ने पहले अपना कार्यकाल खत्म होने के बाद विस्तार नहीं लेने की बात कही थी।
हालांकि, टाटा संस बोर्ड के विशेष अनुरोध के बाद उन्होंने अपने पुराने निर्णय पर पुनर्विचार किया। कंपनी ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि 17 सितंबर 2026 को हुई बोर्ड बैठक में, चंद्रशेखरन ने पद पर बने रहने का अनुरोध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद बोर्ड ने बहुमत से उनकी पुनर्नियुक्ति का प्रस्ताव पारित कर दिया।
टाटा ट्रस्ट्स की सिफारिश और बोर्ड का फैसला
इस नियुक्ति की पृष्ठभूमि में टाटा ट्रस्ट्स की अहम भूमिका रही। टाटा संस ने बताया कि बोर्ड को 28 जुलाई, 2025 को टाटा ट्रस्ट्स से एक सर्वसम्मत प्रस्ताव मिला था। इस प्रस्ताव में 2017 से समूह का नेतृत्व करने के लिए एन. चंद्रशेखरन के योगदान की सराहना की गई थी।
इसी सिफारिश के आधार पर ट्रस्ट्स ने चंद्रशेखरन को मौजूदा कार्यकाल के बाद अगले पांच साल के लिए फिर से एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त करने का सुझाव दिया था। टाटा संस में टाटा ट्रस्ट्स की लगभग 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो इसे सबसे प्रमुख शेयरधारक बनाती है।
घटनाक्रम और बाजार पर असर
यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले महीने ही चंद्रशेखरन ने कहा था कि फरवरी में अपना वर्तमान कार्यकाल समाप्त होने पर वे दोबारा नियुक्ति नहीं चाहेंगे। उस वक्त टाटा संस का बोर्ड उनके कार्यकाल विस्तार पर सहमति नहीं बना पाया था।
इस घोषणा से टाटा समूह के भीतर एक नई चर्चा भी शुरू हो गई है। गुरुवार को ही टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने इस पुनर्नियुक्ति को 'अवैध' करार दिया था। हालांकि, इस खबर का शेयर बाजार पर सकारात्मक असर दिखा और निवेशकों ने टाटा समूह की सूचीबद्ध कंपनियों में जमकर खरीदारी की। चंद्रशेखरन को मिले पांच साल के नए कार्यकाल और टाटा संस के आईपीओ की संभावनाओं के बीच समूह के कुछ शेयरों में 14 प्रतिशत तक की उछाल दर्ज की गई।
इनपुट: IANS



