NSE IPO: निवेशकों के लिए खुल गया, पर ग्रे मार्केट में उत्साह ठंडा — हफ़्ते भर में 32% गिरा प्रीमियम
देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) आम निवेशकों के लिए खुल चुका है। लेकिन, लिस्टिंग से पहले ही इसके अनौपचारिक बाज़ार में उत्साह…
देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) आम निवेशकों के लिए खुल चुका है। लेकिन, लिस्टिंग से पहले ही इसके अनौपचारिक बाज़ार में उत्साह कम होता दिख रहा है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के मुताबिक, बीते एक हफ़्ते में इसके ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में लगभग 32 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
GMP वह सांकेतिक मूल्य होता है जो बताता है कि कोई शेयर लिस्टिंग से पहले अनौपचारिक बाज़ार में अपने इश्यू प्राइस से कितने ऊपर कारोबार कर रहा है। हालांकि, यह लिस्टिंग के दिन मिलने वाले मुनाफ़े की कोई गारंटी नहीं होता।
ग्रे मार्केट में लगातार गिरावट
आंकड़ों के अनुसार, 11 सितंबर को NSE के शेयर का GMP 218 रुपये प्रति शेयर था, जो लगातार गिरते हुए 17 सितंबर की दोपहर तक 148 रुपये पर आ गया। यह एक हफ़्ते के भीतर करीब 32% की गिरावट दर्शाता है। यह IPO आम निवेशकों के लिए 21 सितंबर तक खुला रहेगा, जिसके लिए प्राइस बैंड 1,700 से 1,785 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।
IPO से जुड़ी अहम जानकारी
इस इश्यू का कुल आकार, प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर के हिसाब से 22,561.57 करोड़ रुपये है। इसके तहत 12.64 करोड़ शेयर बिक्री के लिए रखे गए हैं। यह IPO पूरी तरह से बिक्री की पेशकश (OFS) है, जिसका मतलब है कि इससे जुटाई गई सारी रकम कंपनी के मौजूदा निवेशकों के पास जाएगी, न कि कंपनी के विस्तार या अन्य कामों में इस्तेमाल होगी।
निवेशकों की चिंता का कारण
विश्लेषकों के मुताबिक, निवेशकों की सबसे बड़ी चिंता NSE का हालिया वित्तीय प्रदर्शन है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की परिचालन आय 16,601.31 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वित्त वर्ष 2025 के 17,140.67 करोड़ रुपये से तीन प्रतिशत कम है। इससे भी अहम बात यह है कि कंपनी की कमाई का मुख्य जरिया, यानी ट्रांजैक्शन चार्जेज, भी इसी अवधि में 13,635.76 करोड़ रुपये से घटकर 13,057.01 करोड़ रुपये रह गए, जो सालाना आधार पर चार प्रतिशत की गिरावट है।
इनपुट: IANS



