भोपाल: RGPV से राजीव गांधी का नाम हटाने पर भड़के कमलनाथ, बोले- 'हम भी हिसाब करेंगे'
मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार द्वारा भोपाल स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) को तीन हिस्सों में बांटने और इससे पूर्व प्रधानमंत्री का नाम हटाने के फैसले पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो…
मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार द्वारा भोपाल स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) को तीन हिस्सों में बांटने और इससे पूर्व प्रधानमंत्री का नाम हटाने के फैसले पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने इस कदम को भाजपा सरकार की 'ओछी मानसिकता' करार दिया है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने लिखा, "मध्य प्रदेश के प्रतिष्ठित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) को तीन हिस्सों में बांटकर इसके नाम में से स्व. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम हटाना भाजपा सरकार की ओछी मानसिकता का प्रतीक है।"
तकनीकी शिक्षा में बड़ा बदलाव
दरअसल, हाल ही में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में RGPV के पुनर्गठन का फैसला लिया गया था। इस निर्णय के तहत विश्वविद्यालय को भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में तीन नए क्षेत्रीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालयों में विभाजित किया जाएगा। सरकार का दावा है कि यह कदम उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में क्षेत्रीय संतुलन साधने और गुणवत्ता के विस्तार की दिशा में एक 'ऐतिहासिक कदम' है।
'नाम बदल सकते हैं, इतिहास नहीं'
कमलनाथ ने राजीव गांधी के योगदान को याद करते हुए कहा कि पूरा विश्व जानता है कि उन्हीं के कार्यकाल में भारत ने आधुनिक तकनीक की दुनिया में प्रवेश किया था और सूचना क्रांति की शुरुआत हुई थी। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, "भाजपा खुद तो कोई नया काम कर नहीं पाती, बस कांग्रेस के जमाने के कार्यों की नाम पट्टिकाएं बदलने में लगी रहती है।"
उन्होंने सरकार को 'नाकारा और शिक्षा विरोधी' बताते हुए विश्वविद्यालय से राजीव गांधी का नाम न हटाने की मांग की। कमलनाथ ने चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा, "यह भी याद दिलाना चाहता हूं कि कल के बाद परसों आता है। अच्छे और बुरे हर काम का हिसाब होता है। हम भी हिसाब करेंगे। आप नाम बदलकर इतिहास नहीं बदल सकते।"
इनपुट: IANS



