बुधवार, 2 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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नीमच: विश्वकर्मा योजना से छोटे कारोबारियों को मिली नई उड़ान, 15.5 करोड़ के लोन से संवर रही तकदीर

मध्य प्रदेश के नीमच जिले में केंद्र सरकार की पीएम विश्वकर्मा योजना पारंपरिक कारीगरों और छोटे उद्यमियों के लिए एक बड़ा सहारा बनकर उभरी है। इस योजना के तहत मिले प्रशिक्षण और वित्तीय मदद से कई लोग अपने…

नीमच: विश्वकर्मा योजना से छोटे कारोबारियों को मिली नई उड़ान, 15.5 करोड़ के लोन से संवर रही तकदीर
(फोटो: IANS)

मध्य प्रदेश के नीमच जिले में केंद्र सरकार की पीएम विश्वकर्मा योजना पारंपरिक कारीगरों और छोटे उद्यमियों के लिए एक बड़ा सहारा बनकर उभरी है। इस योजना के तहत मिले प्रशिक्षण और वित्तीय मदद से कई लोग अपने घरेलू या गुमटी-स्तर के काम को आगे बढ़ाकर स्थायी दुकान और व्यवसाय स्थापित कर रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य गरीब और छोटे कामगारों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़कर उनके स्वरोजगार के सपनों को साकार करना है।

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जिले में इस योजना को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया है। जिला पंचायत के सीईओ अमन वैष्णव के मुताबिक, अब तक लगभग 36,000 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से करीब 5,500 का सफलतापूर्वक पंजीकरण किया जा चुका है और 5,050 लाभार्थियों को ब्यूटी पार्लर, बढ़ईगीरी और नाई की दुकान जैसे विभिन्न ट्रेडों में आधुनिक कौशल का प्रशिक्षण भी दिया गया है।

सपनों को मिली आर्थिक मदद

योजना के तहत अब तक करीब 1,800 ऋण आवेदन स्वीकृत किए गए हैं, जिनके माध्यम से कुल 15.5 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाई गई है। यह राशि छोटे कारोबारियों को अपना काम शुरू करने या उसे विस्तार देने में मदद कर रही है।

कई लाभार्थियों ने इस मदद से अपनी जिंदगी बदल दी है। जावी निवासी दशरथ देवीलाल सेन पहले एक गुमटी पर दुकान चलाते थे। योजना से 1 लाख रुपए का ऋण मिलने के बाद उन्होंने अपनी पक्की दुकान खोल ली है। दशरथ ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें 500 रुपए प्रतिदिन का भत्ता, काम से जुड़ी किट और मशीनें भी मिलीं, जिससे उनकी आजीविका पहले से बेहतर हो गई है।

महिला उद्यमियों के लिए बनी वरदान

यह योजना विशेष रूप से महिला उद्यमियों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। नयागांव की रानी जैन, जो आठ साल से ब्यूटी पार्लर चला रही थीं, ने योजना के तहत 15 दिन की ट्रेनिंग और 1 लाख रुपए का लोन लिया। इस पैसे से उन्होंने अपने पार्लर के लिए नए उत्पाद खरीदे, जिससे उनका कारोबार बढ़ा और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरी।

इसी तरह नयागांव की ही सोनम सेन ने भी 1 लाख रुपए के ऋण से अपने नंदिनी ब्यूटी पार्लर को विस्तार दिया। उन्होंने बताया, "पूंजी की कमी के कारण छोटे कारोबार को विस्तार देना मुश्किल होता है।" वहीं, नीमच की रत्ना व्यास को योजना से सिलाई मशीन और 1 लाख रुपए का ऋण मिला। उन्होंने इस राशि से महिलाओं और बच्चों के कपड़े बनाने का काम शुरू किया और अब वे थोक में कपड़े लेकर सिलाई कर रही हैं। रत्ना का कहना है कि उन्होंने लोन चुका भी दिया है और इस व्यवसाय ने उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है।

इनपुट: IANS

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News4Social मध्य प्रदेश डेस्क

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