गुजरात: नकली दवाओं और मिलावटी खाने पर बड़ी कार्रवाई, 50 कंपनियों के लाइसेंस रद्द और लाखों का सामान ज़ब्त
गुजरात में अगस्त का महीना नकली दवाएं बनाने और मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों के लिए भारी पड़ा। राज्य के खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन (FDCA) ने एक महीने तक चले अभियान में बड़ी कार्रवाई करते हुए…
गुजरात में अगस्त का महीना नकली दवाएं बनाने और मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों के लिए भारी पड़ा। राज्य के खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन (FDCA) ने एक महीने तक चले अभियान में बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 दवा कंपनियों के बिक्री लाइसेंस रद्द कर दिए और लाखों रुपये का संदिग्ध खाद्य पदार्थ ज़ब्त किया। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे अभियान की समीक्षा के लिए राज्य सचिवालय में स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक भी हुई।
बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नकली, घटिया और अवैध रूप से बेची जा रही दवाओं व खाद्य पदार्थों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाए। इस कार्रवाई का असर राज्यभर में देखने को मिला।
दवा कंपनियों और ब्लड सेंटरों पर शिकंजा
FDCA ने निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर दो दवा निर्माण इकाइयों को बंद करने का आदेश दिया। इसके अलावा, जोखिम-आधारित जांच के तहत 8 दवा निर्माता कंपनियों के लाइसेंस निलंबित किए गए, जबकि 11 अन्य के निर्माण लाइसेंस पूरी तरह रद्द कर दिए गए। प्रयोगशाला जांच में जिन 20 दवाओं की गुणवत्ता घटिया पाई गई, उनके निर्माताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई सिर्फ दवा कंपनियों तक ही सीमित नहीं रही; राज्य के 42 ब्लड स्टोरेज सेंटरों के निरीक्षण के बाद तीन को बंद करने का आदेश दिया गया और 12 को नोटिस जारी किए गए।
नशीली दवाओं के नेटवर्क का भंडाफोड़
प्रशासन ने स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के साथ मिलकर अहमदाबाद, गांधीनगर और मेहसाणा में सक्रिय अवैध नशीली दवाओं के नेटवर्क पर भी छापा मारा। वडोदरा जिले के वाघोडिया में एक मेडिकल स्टोर के पास की दुकान से ट्रामाडोल समेत नशीले इंजेक्शनों का एक बड़ा ज़खीरा बरामद हुआ, जिसके बाद एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, नकली 'निकार्डिया रिटार्ड 10' टैबलेट मामले में उत्तर प्रदेश से गुजरात तक फैली सप्लाई चेन का पर्दाफाश हुआ। इस सिलसिले में 30 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी कर लगभग 1.75 लाख रुपये की संदिग्ध दवाएं ज़ब्त की गईं और अहमदाबाद क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई गई।
खाद्य पदार्थों में मिलावट पर कार्रवाई
अभियान के दौरान राज्यभर से करीब 42,988 किलोग्राम संदिग्ध खाद्य सामग्री ज़ब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 93.47 लाख रुपये है। FDCA ने अगस्त में 2,238 खाद्य कारोबारियों का निरीक्षण किया और जांच के लिए 2,591 नमूने प्रयोगशाला भेजे। इसके अलावा, 1,625 से अधिक होटलों, रेस्तरां और ढाबों की जांच में कमियां पाए जाने पर 306 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस और 38 को गंभीर उल्लंघन के लिए लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ा। मंत्री पानसेरिया ने अधिकारियों को दूध, घी, तेल और मसालों जैसे रोजमर्रा के उत्पादों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
इनपुट: IANS



