MP: 1.21 लाख मेधावी छात्रों के सपनों को मिली उड़ान, लैपटॉप के लिए सरकार ने दिए ₹304 करोड़
मध्य प्रदेश में 12वीं की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वाले 1.21 लाख मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए मंगलवार का दिन खास रहा। राज्य सरकार ने अपनी लैपटॉप प्रोत्साहन योजना के तहत इन विद्यार्थियों के…
मध्य प्रदेश में 12वीं की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वाले 1.21 लाख मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए मंगलवार का दिन खास रहा। राज्य सरकार ने अपनी लैपटॉप प्रोत्साहन योजना के तहत इन विद्यार्थियों के बैंक खातों में कुल 304 करोड़ रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर कर दी। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले हर छात्र को लैपटॉप खरीदने के लिए 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा एक क्लिक से राशि ट्रांसफर किए जाने के बाद छात्रों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई। इस आर्थिक मदद से अब वे अपनी आगे की पढ़ाई, ऑनलाइन लर्निंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए लैपटॉप जैसा ज़रूरी उपकरण खरीद सकेंगे।
छात्रों ने बताया कैसे साकार होंगे सपने
सरकार से मिली इस मदद पर छात्रों ने खुशी जताते हुए अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में बताया। कृषि संकाय में 98% अंकों के साथ प्रदेश में पहला स्थान पाने वाली तुलसी राजावत ने कहा, "मुझे 25 हजार वाली योजना का पूरा लाभ मिला है, जिसकी वजह से मुझे बहुत सहायता मिली है।" भविष्य में कृषि वैज्ञानिक बनकर किसानों की मदद करने का सपना देखने वाली तुलसी ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था की भी तारीफ की।
इसी तरह, 12वीं में 98% अंक लाने वाली एक छात्रा ने कहा, "मुझे आगे डॉक्टर बनना है... पढ़ाई करने के लिए लैपटॉप की जरूरत पड़ती है।" उसने बताया कि इस प्रोत्साहन राशि के अलावा, मेधावी स्कीम से कॉलेज की फीस में भी कमी आती है।
इंजीनियरिंग से लेकर मेडिकल तक की राह होगी आसान
यह प्रोत्साहन राशि छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद करेगी। जेईई मेन्स क्लियर कर चुके श्लोक प्रजापति ने बताया कि वह कंप्यूटर साइंस इंजीनियर बनना चाहते हैं और इस राशि से उन्हें बड़ी मदद मिलेगी। वहीं, नीट-यूजी की तैयारी कर रहे कार्तिक शर्मा ने कहा, "25 हजार से हम काफी अच्छे-अच्छे कोर्स ले सकते हैं। एक अच्छे लैपटॉप की मदद से हम सीख सकते हैं।"
कई छात्रों के लिए मुख्यमंत्री से मिलना भी एक यादगार अनुभव रहा। कीर्ति पालीवाल ने इसे "बहुत खास पल" बताया, जबकि हिमांशी पाठक ने कहा, "मुख्यमंत्री से मिलना मेरा सपना था। मुझे ऐसा लग रहा है कि मैंने कुछ ऐसा किया है, जिसकी वजह से आज मैं यहां हूं।" छात्रों का मानना है कि आज के डिजिटल दौर में लैपटॉप के बिना तकनीकी काम करना मुश्किल है और सरकार का यह कदम बेहद मददगार है।
इनपुट: IANS



