मध्य प्रदेश में डेयरी और इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा सहारा, मोहन यादव कैबिनेट ने ₹41,000 करोड़ के पैकेज को दी मंज़ूरी
मध्य प्रदेश में डेयरी सेक्टर और बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के समग्र विकास के लिए लगभग 41,000…
मध्य प्रदेश में डेयरी सेक्टर और बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के समग्र विकास के लिए लगभग 41,000 करोड़ रुपये के एक व्यापक पैकेज को हरी झंडी दे दी गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फैसले का उद्देश्य प्रदेश के किसानों, खासकर दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों में नए अवसर पैदा करना है।
बैठक के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री राकेश सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस पैकेज में 'विकसित भारत-जी राम जी योजना' को लागू करने के लिए 29,619 करोड़ रुपये की एक बड़ी राशि शामिल है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ये फैसले राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर सरकार के फोकस को दर्शाते हैं।
डेयरी सेक्टर के लिए विशेष योजना
कैबिनेट ने दूध उत्पादकों के लिए कुल 2,973 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिसमें से 1,547 करोड़ रुपये विशेष रूप से विभिन्न डेयरी उत्पादों की प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने पर खर्च किए जाएंगे। सरकार ने अगले पांच वर्षों में सहकारी दुग्ध समितियों का नेटवर्क मौजूदा 7,331 गांवों से बढ़ाकर 26,000 गांवों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
इस योजना के तहत दूध संग्रह को भी मौजूदा 12 लाख किलोग्राम प्रतिदिन से बढ़ाकर 52 लाख किलोग्राम प्रतिदिन करने का लक्ष्य है। मंत्री ने बताया कि इससे पहले केंद्रीय सहकारिता और गृह मंत्री अमित शाह ने भी राज्य सरकार को मिशन मोड में दूध सहकारी समितियों की संख्या बढ़ाकर उत्पादन बढ़ाने की सलाह दी थी।
उत्पादन और बिक्री बढ़ाने का लक्ष्य
डेयरी सेक्टर को मजबूत करने के लिए सरकार ने उत्पादन के साथ-साथ बिक्री बढ़ाने की भी रूपरेखा तैयार की है। राकेश सिंह के अनुसार, दूध की प्रोसेसिंग क्षमता को मौजूदा 17.8 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 63.3 लाख लीटर प्रतिदिन किया जाएगा। इसके साथ ही, दूध के पैकेट की बिक्री को भी 7 लाख लीटर से बढ़ाकर 35 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाने की योजना है। इन उपायों से डेयरी सेक्टर के काफी मजबूत होने की उम्मीद है।
इनपुट: IANS



