स्कूल से 10 लाख की रिश्वत लेने वाले EPFO अधिकारी को 4 साल की कठोर कैद, CBI कोर्ट का फैसला
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के एक पूर्व प्रवर्तन अधिकारी को पुणे की सीबीआई अदालत ने घूसखोरी के एक मामले में चार साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। 2014 के इस मामले में, अधिकारी ने नासिक के एक…
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के एक पूर्व प्रवर्तन अधिकारी को पुणे की सीबीआई अदालत ने घूसखोरी के एक मामले में चार साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। 2014 के इस मामले में, अधिकारी ने नासिक के एक स्कूल से पीएफ बकाया और जुर्माना कम करने के एवज में 10 लाख रुपये की रिश्वत ली थी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, दोषी अधिकारी देवीदास शिंडिकर पर 1.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह फैसला 31 अगस्त को सुनाया गया, जो लगभग एक दशक पुरानी कानूनी प्रक्रिया का समापन है। मामला तब सामने आया जब नासिक स्थित एक स्कूल के महासचिव ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से संपर्क किया। उन्होंने शिकायत की थी कि EPFO अधिकारी शिंडिकर स्कूल के पीएफ बकाए और उस पर लगे जुर्माने को कम करने के लिए रिश्वत की मांग कर रहे थे।
शुरुआत में मांगी 8.50 लाख की रिश्वत
शिकायत के अनुसार, अधिकारी ने पहले 8.50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 13 लाख रुपये कर दिया गया। काफी मोलभाव के बाद, सौदा 10 लाख रुपये में तय हुआ। शिकायतकर्ता की सूचना के आधार पर सीबीआई ने 17 अप्रैल 2014 को मामला दर्ज किया और अधिकारी को पकड़ने के लिए एक जाल बिछाया।
रंगे हाथों पकड़ा गया था अधिकारी
जांच एजेंसी ने 21 अप्रैल 2014 को कार्रवाई करते हुए देवीदास शिंडिकर को शिकायतकर्ता से 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 21 जुलाई 2014 को अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया था। लंबी सुनवाई के बाद, पुणे की विशेष सीबीआई अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई।
इनपुट: IANS



