मंगलवार, 1 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश: मोहन यादव कैबिनेट का बड़ा फैसला, 41,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं को दी हरी झंडी

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने राज्य के बुनियादी ढांचे और विकास को गति देने के लिए 41,000 करोड़ रुपये से अधिक की महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर अपनी मुहर लगा दी है…

मध्य प्रदेश: मोहन यादव कैबिनेट का बड़ा फैसला, 41,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं को दी हरी झंडी
(फोटो: IANS)

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने राज्य के बुनियादी ढांचे और विकास को गति देने के लिए 41,000 करोड़ रुपये से अधिक की महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर अपनी मुहर लगा दी है। मंगलवार को हुई इस बैठक में ग्रामीण विकास, डेयरी, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

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समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य रोजगार और आजीविका को बढ़ावा देना है।

ग्रामीण विकास और डेयरी सेक्टर पर जोर

कैबिनेट ने 'विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)' (VB Giramji Scheme) के कार्यान्वयन के लिए 29,619 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है। इस योजना के लिए फंड केंद्र और राज्य के बीच 60:40 के अनुपात में बांटा जाएगा, जिसमें मध्य प्रदेश सरकार का हिस्सा लगभग 10,574 करोड़ रुपये होगा। इसके अलावा, शिकायतों के निपटारे के लिए हर जिले में एक लोकपाल की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई है।

वहीं, राज्य के दूध उत्पादकों के लिए करीब 2,973 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें से 1,547 करोड़ रुपये विभिन्न डेयरी उत्पादों की प्रसंस्करण क्षमता को बढ़ाने में खर्च किए जाएंगे।

स्वास्थ्य और शिक्षा का ढांचा होगा मजबूत

कैबिनेट ने स्वास्थ्य क्षेत्र में भी अहम निर्णय लिए। जन स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग की मौजूदा योजनाओं को जारी रखने की अनुमति देते हुए विभाग की संपत्तियों के रखरखाव के लिए 915.77 करोड़ रुपये और मशीनरी व उपकरणों के लिए 488.41 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा पुनर्गठन किया गया है। मंत्री राकेश सिंह ने बताया, "आरजीपीवी अभी 585 संस्थानों में 13 कोर्स चलाता है, जिसमें 3.83 लाख से ज़्यादा छात्र हैं। पहुंच और भौगोलिक कवरेज को बेहतर बनाने के लिए, मुख्यमंत्री के सुझाव पर तीन नई टेक्नोलॉजी और स्किल यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा की गई है।" ये विश्वविद्यालय भोपाल (सेंट्रल इंडिया यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड स्किल्स), उज्जैन (मालवा यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी) और जबलपुर (महाकौशल यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड स्किल्स) में स्थापित किए जाएंगे।

किसानों और नए जिलों के लिए भी अहम फैसले

किसानों को राहत देते हुए सरकार ने समर्थन मूल्य पर ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद की सीमा को उत्पादन के 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया है। मंत्री राकेश सिंह ने आश्वस्त किया, "किसानों को कोई परेशानी नहीं होगी क्योंकि खरीद लक्ष्य के दायरे में ही रहेगी।"

इसके साथ ही, राज्य के नए बने जिलों— निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर— में आयुष विभाग के तहत जिला आयुष अधिकारी कार्यालयों के लिए 20 पदों को मंजूरी दी गई है। इन जिलों में सामाजिक न्याय कार्यालयों के लिए भी स्टाफ की नियुक्ति को स्वीकृति मिली, जिसके तहत हर जिले को 15 पद और दो चतुर्थ श्रेणी के पद मिलेंगे।

इनपुट: IANS

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News4Social मध्य प्रदेश डेस्क

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