बुधवार, 2 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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SGST कलेक्शन: हरियाणा की विकास दर राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुनी, पहले 5 महीनों में कमाए 24,662 करोड़

वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीनों में हरियाणा ने राज्य वस्तु एवं सेवा कर (SGST) संग्रह में 29 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की है। यह बढ़ोतरी राष्ट्रीय औसत 16 प्रतिशत से कहीं ज़्यादा है, जिसने…

SGST कलेक्शन: हरियाणा की विकास दर राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुनी, पहले 5 महीनों में कमाए 24,662 करोड़
(फोटो: IANS)

वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीनों में हरियाणा ने राज्य वस्तु एवं सेवा कर (SGST) संग्रह में 29 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की है। यह बढ़ोतरी राष्ट्रीय औसत 16 प्रतिशत से कहीं ज़्यादा है, जिसने हरियाणा को इस मामले में देश के अग्रणी राज्यों में लाकर खड़ा कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, इन पांच महीनों में राज्य का कुल एसजीएसटी संग्रह 24,662 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

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यह प्रभावशाली प्रदर्शन राज्य की मजबूत वित्तीय स्थिति और राजस्व बढ़ाने के लिए किए जा रहे केंद्रित प्रयासों को दर्शाता है। अकेले अगस्त 2026 में ही राज्य ने 4,982 करोड़ रुपये का एसजीएसटी राजस्व हासिल किया, जो पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 21 प्रतिशत अधिक है।

लगातार दमदार प्रदर्शन

यह कोई एक महीने की बात नहीं है, बल्कि हरियाणा लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। वित्त वर्ष के पहले चार महीनों (अप्रैल-जुलाई 2026) में भी राज्य की एसजीएसटी संग्रह वृद्धि 28 प्रतिशत थी, जबकि राष्ट्रीय औसत उस समय 13 प्रतिशत था। उस अवधि में कुल संग्रह 19,680 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के 15,055 करोड़ रुपये से काफी ज़्यादा है।

अलग-अलग महीनों के आँकड़ों पर नज़र डालें तो जुलाई 2026 में पोस्ट-सेटलमेंट एसजीएसटी संग्रह 5,135 करोड़ रुपये था। वहीं, जून 2026 में जीएसटी संग्रह वृद्धि दर 14.66 प्रतिशत दर्ज की गई थी, जिससे राज्य गुजरात और आंध्र प्रदेश के बाद प्रमुख राज्यों में तीसरे स्थान पर था।

अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान

हरियाणा का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है क्योंकि देश के कुल जीएसटी करदाताओं में राज्य की हिस्सेदारी 4 प्रतिशत से भी कम है, लेकिन कुल जीएसटी संग्रह में इसका योगदान लगभग 7.7 प्रतिशत है। यह राज्य की आर्थिक गतिविधियों की मजबूती को दिखाता है।

राज्य सरकार कारोबार को और सुगम बनाने के लिए भी कदम उठा रही है। हरियाणा डीपीआर के एक एक्स पोस्ट के मुताबिक, 'हरियाणा राइट टू बिजनेस बिल, 2026' के तहत नए और विस्तार कर रहे विनिर्माण एमएसएमई को 15 कार्यदिवसों के भीतर सैद्धांतिक मंजूरी देने का प्रावधान किया गया है।

इनपुट: IANS

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