RBI की विशेष स्वैप विंडो: ICICI बैंक ने डॉलर जुटाने में निभाई अहम भूमिका, हासिल किए करीब 18 अरब डॉलर
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा रुपए को संभालने और विदेशी मुद्रा का भंडार बढ़ाने के लिए शुरू की गई एक विशेष स्वैप सुविधा बेहद कामयाब रही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना के…
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा रुपए को संभालने और विदेशी मुद्रा का भंडार बढ़ाने के लिए शुरू की गई एक विशेष स्वैप सुविधा बेहद कामयाब रही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना के तहत देश के प्रमुख निजी बैंक ICICI बैंक ने विदेशी मुद्रा अनिवासी (FCNR(B)) जमा के माध्यम से लगभग 17.88 अरब डॉलर की बड़ी रकम जुटाई है। बैंक ने यह जानकारी बुधवार को एक एक्सचेंज फाइलिंग में साझा की।
यह योजना RBI ने 8 जून को शुरू की थी, जिसका मकसद डॉलर के मुकाबले कमजोर होते रुपए पर दबाव कम करना था। इस योजना को मिली शानदार प्रतिक्रिया के चलते इसे निर्धारित समय से पहले ही 31 अगस्त को बंद कर दिया गया, जबकि इसे 30 सितंबर तक खुला रहना था। सरकार ने अगस्त में इस पहल को भारत के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी और सबसे तेज विदेशी मुद्रा जुटाने की कवायद बताया था, जिसने 2013 की FCNR(B) स्वैप योजना को भी पीछे छोड़ दिया।
ICICI बैंक के आँकड़े
ICICI बैंक ने अपनी फाइलिंग में बताया कि कुल 17.88 अरब डॉलर में से लगभग 9 अरब डॉलर की राशि, बैंक की अंतरराष्ट्रीय शाखाओं और सहायक कंपनियों द्वारा इन्हीं जमाओं के बदले दिए गए ऋण के रूप में थी। इसके अलावा, बैंक ने दूसरे कर्जदाताओं को करीब 3.63 अरब डॉलर के स्टैंडबाय लेटर ऑफ क्रेडिट (SBLC) भी जारी किए, जो इन जमाओं से समर्थित थे। एक्सचेंज फाइलिंग में यह भी जानकारी दी गई कि बैंक ने जुलाई और अगस्त 2026 में परिपक्व होने वाले 3.55 अरब डॉलर के बॉन्ड भी जारी किए हैं।
योजना की कुल सफलता
केंद्रीय बैंक के 21 अगस्त तक के आँकड़ों के मुताबिक, इस पूरी योजना के तहत अधिकृत डीलर बैंकों ने कुल 72.848 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा प्रवाह हासिल किया था। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा FCNR(B) जमा का था, जिससे 65.397 अरब डॉलर आए। वहीं, एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग (ECB) और ओवरसीज फॉरेन करेंसी बॉरोइंग (OFCB) के जरिए 7.451 अरब डॉलर का अतिरिक्त प्रवाह दर्ज किया गया। इन दोनों के लिए यह सुविधा 31 दिसंबर 2026 तक जारी रहेगी। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि आरबीआई की इस डॉलर जमा योजना के जरिए कुल 100 अरब डॉलर से भी ज़्यादा की राशि जुटाई गई है।
इनपुट: IANS



