सेना के जवानों के बच्चों की पढ़ाई होगी सस्ती, देहरादून के संस्थान से हुआ अहम समझौता
भारतीय सेना ने अपने सेवारत और सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों के बच्चों की उच्च शिक्षा को और सुलभ बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। देहरादून स्थित कंबाइंड (पीजी) इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड…
भारतीय सेना ने अपने सेवारत और सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों के बच्चों की उच्च शिक्षा को और सुलभ बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। देहरादून स्थित कंबाइंड (पीजी) इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के साथ हुए एक समझौते के तहत सैन्यकर्मियों के बच्चों को ट्यूशन फीस में विशेष छूट दी जाएगी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य सैनिकों को अपने बच्चों की शिक्षा संबंधी आर्थिक चिंताओं से राहत देना है।
यह समझौता ज्ञापन उन परिवारों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है, जिनके सदस्य देश की सीमाओं पर तैनात रहते हैं। फीस में यह छूट बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर प्रदान करने में मदद करेगी। सेना का कहना है कि यह पहल अपने जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
शहीदों के बच्चों के लिए विशेष प्रावधान
इस समझौते की सबसे खास बात यह है कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैन्यकर्मियों के बच्चों को पढ़ाई के दौरान अतिरिक्त सहायता मिलेगी। सेना ने स्पष्ट किया है कि जिन जवानों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए हैं, उनके बच्चों की शिक्षा के लिए विशेष सहयोग का प्रावधान किया गया है।
अन्य कल्याणकारी योजनाएं
यह कदम भारतीय सेना द्वारा अपने जवानों के परिवारों के लिए चलाए जा रहे कल्याणकारी कार्यक्रमों की श्रृंखला का ही एक हिस्सा है। सेना उनके लिए बेहतर रोजगार और प्रशिक्षण के अवसरों पर भी लगातार काम कर रही है। हाल ही में, एयर इंडिया के साथ हुए एक समझौते के तहत 'वीर नारियों' और उनके आश्रितों सहित 58 उम्मीदवारों को रोजगार के लिए चुना गया था। इनमें से दो महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय नौकरी भी मिली। चयनित उम्मीदवारों को विमानन और हवाई अड्डा सेवाओं से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिसमें से 16 उम्मीदवार अपना प्रशिक्षण पूरा कर नौकरी शुरू कर चुके हैं।
इनपुट: IANS



