बुधवार, 2 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

श्रीनगर में नेशनल कॉन्फ्रेंस और भाजपा आमने-सामने, पुलिस ने रोके दोनों दलों के विरोध मार्च

जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में बुधवार को दो प्रमुख राजनीतिक दलों, सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP), के अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों के कारण तनाव की स्थिति बन गई…

श्रीनगर में नेशनल कॉन्फ्रेंस और भाजपा आमने-सामने, पुलिस ने रोके दोनों दलों के विरोध मार्च
(फोटो: IANS)

जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में बुधवार को दो प्रमुख राजनीतिक दलों, सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP), के अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों के कारण तनाव की स्थिति बन गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने दोनों ही दलों के मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके चलते प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़पें भी हुईं।

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भाजपा ने सिविल सचिवालय के घेराव की योजना बनाई थी, जबकि नेशनल कॉन्फ्रेंस अनुच्छेद 370 की बहाली और राज्य का दर्जा वापस देने जैसी मांगों को लेकर भाजपा कार्यालय की ओर मार्च कर रही थी। सुरक्षा बलों ने दोनों ही मार्चों को उनके गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही विफल कर दिया।

नेशनल कॉन्फ्रेंस का प्रदर्शन और मांगें

नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा के जवाहर नगर कार्यालय की ओर मार्च का नेतृत्व किया। इनमें स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्री सकीना इटू, विधायक तनवीर सादिक, सलमान सागर, अहसान परदेसी, शमीमा फिरदौस और हिलाल पर्रे शामिल थे। उनकी मुख्य मांगें थीं- अनुच्छेद 370 की बहाली, जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा और अन्य संवैधानिक गारंटियों की वापसी। पुलिस और सुरक्षा बलों ने सड़क पर बैरिकेड लगाकर राजबाग थाने के पास एनसी प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसके बाद कुछ लोगों को एहतियातन हिरासत में ले लिया गया।

मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी ने पत्रकारों से कहा, "दो साल से हम धैर्यपूर्वक इंतजार कर रहे हैं कि हमसे किए गए वादे पूरे होंगे।" उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने और आरक्षण को युक्तिसंगत बनाने जैसे अहम मुद्दे लंबित हैं, जिस कारण पार्टी को प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ा। वानी ने महाधिवक्ता की नियुक्ति में हो रही देरी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे कई मामले अटके हुए हैं।

भाजपा का सरकार के खिलाफ घेराव

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लाल चौक पर इकट्ठा होकर सिविल सचिवालय के घेराव के लिए मार्च शुरू किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व विधानसभा में विपक्ष के नेता (LoP) सुनील शर्मा और जम्मू-कश्मीर भाजपा मामलों के महासचिव अशोक कौल कर रहे थे। लाल चौक और सचिवालय की ओर जाने वाले मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात था।

पुलिस ने भाजपा प्रदर्शनकारियों को जहांगीर चौक पर रोक दिया। जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, तो उनके प्रयासों को विफल कर दिया गया। इस मौके पर सुनील शर्मा ने पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली एनसी सरकार अपने चुनावी वादे पूरे करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी सरकार की विफलता का सबूत है।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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