क्या है देश में बढ़ती मानव तस्करी की सच्चाई ?

human trafficking
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देश में मानव तस्करी एक अभिशाप की तरह फैलता जा रहा है। यह देश की बड़ी समाजिक समस्या में से एक है. जहां देश को आजाद हुए 70 साल से अधिक का वक़्त हो गया है, वही मानव तस्करी नामक बुराई देश से मिटने का नाम ही नहीं ले रही है। आज भी देश में बड़े स्तर पर मानव तस्करी होती है और मासूम बच्चों ,महिलाओ को बंदी बनाकर उन्हें वेश्यावृत्ति जैसे दलदल कि ओर धकेल दिया जाता है।

आपको आगे यह बताना चाहेंगे कि आखिर मानव तस्करी होती क्या है तथा क्या ऐसे कारण है जिनके वजह से मानव तस्करी की जड़ फैलती जा रही है। संयुक्त राष्ट्र की परिभाषा के मुताबिक किसी व्यक्ति पर बल प्रयोग कर, डराकर, धोखा देकर, हिंसा जैसे तरीकों से बंधक बना कर रखना मानव तस्करी के अंतर्गत आता है. इसमें पीड़ित व्यक्ति से देह व्यापार, घरेलू काम, गुलामी इत्यादि कार्य पीड़ित व्यक्ति की इच्छा के विरुद्ध में यानि की जबरदस्ती कराये जाते हैं। भारत की बात की जाए तो पश्चिम बंगाल में मानव तस्करी बड़े पैमाने पर होती है । पश्चिम बंगाल के बाद राजस्थान, उत्तरप्रदेश , गुजरात और कर्नाटक में बड़े पैमाने पर होती है।

कही ऐसे भी केस सामने आये है जिन में लोग खुद मानव तस्करी के शिकार बन जाते है, उन में से सबसे प्रमुख कारण है -बेरोजगारी और गरीबी. ये ऐसे मूल कारण है जिनके कारण मानव तस्करी बड़े पैमाने पर पनप रही है। कुछ मासूम लोग अपने परिवारों का भरण पोषण करने के लिए, जीवन को बेहतर बनाने के लिए इस रास्ते का सहारा लेते है वही बहुत से ऐसे लोग भी है जिन्हें नौकरी या अच्छे अवसर का झांसा देकर फंसाया जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक संगठन के अनुमान के अनुसार वैश्विक स्तर पर मानव तस्करी से 40.3 मिलियन लोग पीड़ित हैं। साथ ही दुनिया में मानव तस्करी के कारण $150 बिलियन का कारोबारो होता है। आपको एक चौकाने वाली बात बताते है, भारत में मानव तस्करी से शिकार लोगों की सबसे अधिक संख्या पाई जाती है। बहुत से लोग स्मगलिंग को और मानव तस्करी को एक ही समस्या के तौर पर देखते है।

चलिए आज हम आपको बताते है की आखिर स्मगलिंग और ट्रैफिकिंग में क्या अंतर होता है। स्मगलिंग से तात्पर्य है जब एक तय फीस के लिए लोगों को एक देश की सीमा के पार ले जाया है या कुछ चीजों जैसे सोना या ड्रग्स को भी किसी देश की सीमा में सप्लाई की जाती है. यह पूरा काम हो जाने के बाद स्मगलिंग करने वाला व्यक्ति फ्री हो जाता है। वही दूसरी ओर मानव तस्करी में बलात श्रम, शोषण और वेश्यावृत्ति आदि जैसे कार्यों के लिए व्यक्ति का मूवमेंट होता है. ट्रैफिकिंग में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पार करने की आवश्यकता नहीं होती है. मानव तस्करी राष्ट्रीय स्तर पर या एक समुदाय के भीतर भी हो सकती है।

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मानव तस्करी देश के लिए एक ऐसी समस्या है जो देश के विकास में सबसे बड़ी बाधा उत्तपन कर रहा है। जिसने देश के कई मासूम लोगों को आपने परिवार और घर से दूर कर दिया। सरकार को ऐसे मामलों पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है और देश से इस मानव तस्करी जैसे भयानक अपराध को बढ़वा देने वाले गुट कि जड़ों को उखड़ फेकने के संदर्भ में ठोस कदम उठना चाहिए।