राम मंदिर चंदा विवाद: कांग्रेस ने SIT जांच पर उठाए सवाल, बड़े लोगों को बचाने का लगाया आरोप
अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं और चढ़ावे के कथित घोटाले के मामले में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणा
अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं और चढ़ावे के कथित घोटाले के मामले में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने विशेष जांच दल (SIT) की जांच को लेकर कहा है कि इससे सच सामने आने की उम्मीद नहीं है।
नागपुर में एक बयान में सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि एसआईटी का गठन जल्दबाजी में किया गया है ताकि छोटे स्तर के लोगों पर कार्रवाई कर बड़े लोगों को बचाया जा सके। उन्होंने कहा, “एसआईटी में वही लोग शामिल हैं जो उस व्यवस्था का हिस्सा हैं, जिस पर सवाल उठ रहे हैं।” श्रीनेत ने ट्रस्ट की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाते हुए इसे भंग करने की मांग की।
ट्रस्ट की बैठक और क्लीन चिट पर सवाल
कांग्रेस नेता ने हाल ही में हुई ट्रस्ट की बैठक का भी जिक्र किया। उन्होंने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि के उस बयान पर आपत्ति जताई जिसमें चंपत राय और अनिल मिश्र के इस्तीफे स्वीकार करने और उन्हें क्लीन चिट देने की बात कही गई थी। श्रीनेत ने पूछा कि दोनों को किस आधार पर क्लीन चिट दी गई और आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की भूमिका है।
संसद में गूंजेगा मुद्दा
इस बीच, समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने संकेत दिए हैं कि इस मुद्दे को संसद में उठाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है और इसे सदन में उठाया जाना स्वाभाविक है। उन्होंने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष के बयान को चिंताजनक बताते हुए कहा कि यदि कोषाध्यक्ष खुद वित्तीय फैसलों से अलग रहने की बात कह रहे हैं, तो यह ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
वहीं, पंजाब कांग्रेस में कथित गुटबाजी के एक सवाल पर सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि लोकतांत्रिक दलों में मतभेद होना स्वाभाविक है और इसे गलत नहीं माना जाना चाहिए।
इनपुट: IANS



